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Hindi Course - A 3/1/2 2025-2026 English Medium Class 10 Question Paper Solution

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Hindi Course - A [3/1/2]
Marks: 80 CBSE
English Medium
Hindi Medium

Academic Year: 2025-2026
Date & Time: 2nd March 2026, 10:30 am
Duration: 3h
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सामान्य निर्देश:

निम्नलिखित निर्देशों को बहुत सावधानी से पढ़िए और उनका सख्ती से अनुपालन कीजिए:

  1. इस प्रश्न-पत्र में कुल 15 प्रश्न हैं। सभी प्रस्त अनिवार्य हैं।
  2. इस प्रश्न-पत्र में चार खंड हैं - खंड क, ख, ग, घ।
  3. खंड -क’ में कुल 2 प्रश्न हैं, जिनमें उपप्रश्नों की संख्या 10 है।
  4. खंड - ‘ख में कुल 4 प्रश्न हैं, जिनमें उपप्रश्नों की संख्या 20 है।
  5. खंड - ‘गमें कुल 5 प्रश्न हैं, जिनमें उपप्रश्नों की संख्या 21 है।
  6. खंड - ‘घ में कुल 4 प्रश्न हैं।
  7. प्रश्न-पत्र में समग्र विकल्प नहीं दिया गया है, यद्यपि, कुछ खंडों में आंतरिक विकल्प दिए गए हैं, दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए प्रसों के उत्तर दीजिए।
  8. यथासंभव सभी खंडों के उत्तर क्रमशः लिखिए।

खंड ‘क’ (अपठित बोध)
[7]1.

निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:

गाँव में वो दिन था इतवार।
मैं नन्हीं पीढ़ी का हाथ थाम
निकल गई बाज़ार।
सूखे दरख्तों के बीच देख
एक पतली पगडंडी
मैंने नन्हीं पीढ़ी से कहा
देखो, यही थी कभी गाँव की नदी।
आगे देख ज़मीन पर बड़ी सी दरार
मैंने कहा, इसी में समा गए सारे पहाड़।

नन्हीं पीढ़ी दौड़ी : हम आ गए बाज़ार!
क्या-क्या लेना है? पूछने लगा दुकानदार।
भैया! थोड़ी बारिश, थोड़ी गीली मिट्टी,
एक बोतल नदी, वो डिब्बाबंद पहाड़
उधर दीवार पर टँगी एक प्रकृति भी दे दो,
और ये बारिश इतनी महँगी क्यों?
दुकानदार बोला : यह नमी यहाँ की नहीं!
दूसरे ग्रह से आई है,
मंदी है, छटाँक भर मँगाई है।
पैसे निकालने को साड़ी की कोर टटोली
चौंकी! देखा आँचल की गाँठ में
रुपयों की जगह
पूरा वजूद मुड़ा पड़ा था...

  1. नदी के बोतल में और पहाड़ के डिब्बाबंद होने का क्या अर्थ है? [1]
    1. भविष्य की आशंकाओं के चित्र खींचना
    2. पर्यावरण के प्रति मनुष्य की उपेक्षा दिखाना
    3. बाज़ारीकरण की भयावहता स्पष्ट करना
    4. जीवन से प्रकृति और उसका साहचर्य गायब होना
  2. निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए: [1]
    कथन: कवयित्री अपने वजूद को मुड़ा हुआ पाती हैं।
    कारण: वह प्रकृति के बिना अपने अस्तित्व को खतरे में पाती हैं।
    1. कथन सही है किंतु कारण गलत है।
    2. कथन और कारण दोनों गलत हैं।
    3. कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है।
    4. कथन और कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है।
  3. कविता के मुख्य भाव को प्रस्तुत करने वाले विकल्प हैं। [1]
    उचित विकल्प का चयन कर लिखिए:
    I. बाज़ारीकरण का बढ़ता प्रभावगा
    II. प्रकृति की उपेक्षापा
    III. भावी पीढ़ी का भय
    विकल्प:
    1. केवल III सही है।
    2. केवल II सही है
    3. I और II सही हैं।
    4. I और II सही हैं।
  4. ‘नन्हीं पीढ़ी’ का अर्थ स्पष्ट करते हुए लिखिए कि उसे साथ लेकर जाने का क्या कारण था? [2]
  5. कविता जिन खतरों की ओर इशारा कर रही है, उनसे बचने के दो प्रभावी उपाय लिखिए। [2]
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Chapter:
[7]2.

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

       जब हम छोटे थे, हमें सिखाया गया कि होशियार बनों। अच्छे नंबर लाओ। जीत कर दिखाओ। धीरे-धीरे ये तमाम सीखें आदत मैं बदल गईं और पता भी नहीं चला कि कब ये आदत हमारे मन की एक दौड़ मैं बदल गईं। दूसरों से आगे निकलने की दौड़। कभी कक्षा में प्रथम आने की, कभी ऑफिस में पदोन्नति की, कंभी समाजे में इज्जत कमाने की और कभी अपने ही भाई-बहनों दोस्तों, रिश्तेदारों से बेहतर दिखने की। परंतु इस लगातार चलने वाली दौड़ में हम भूल गए कि जिस आत्मा को लेकर। निकले थे, वह कहाँ है? हर सुबह उठते हैं और सोचते हैं कि किसे पछाड़ना है। हर शाम थककर सोते हैं और गिनते हैं कि कितने पीछे रह गए। यह थकान सिर्फ शरीर की नहीं है, आत्मा की थकान भी है क्योंकि हमने अपनी गति किसी और की रफ़्तार से बाँध दी हैं। हम अपने फैसले किसी और की कामयाबी देखकर लेने लगे हैं।

       वो किताब क्यों पढ़ रहे हो? क्योंकि सब पढ़ रहे हैं। वो कोर्स क्यों कर रहे हो? क्योंकि उससे नौकरी मिलती है। शहर क्यों जा रहे हो? क्योंकि वहाँ ज़्यादा अवसर हैं। और धीरे-धीरे हमारी ज़िंदगी, हमारी नहीं रह जाती। वह एक नक़ल बन जाती है, दूसरों के रास्तों की, दूसरों के रास्तों की, दूसरों के सपनों की। ऐसा नहीं है कि प्रतिस्पर्धा बुरी चीज है। आपको अगर किसी से आगे ही निकलना है, तो उस ‘आप’ से निकलिए, जो डरता है, जो टालता है, जो रोज़ कहता है ‘कल से’। आपका अपना असली प्रतिद्वंद्वी कोई और नहीं, हमारा ही कल का, हमारा ही पुराना संस्करण है।

       आज के इस प्रतिस्पर्धात्मक युग में, जहाँ सोशल मीडिया हर दिन दूसरों की उपलब्धियों को चमका कर पेश करता हैं, वहाँ अपने ही भीतर स्थिर रहना एक साधना है। खुशी और संतोष हमेशा भीतर से आते हैं और उनका रास्ता आत्म-साक्षात्कार से होकर जातां है, ना कि तुलना और प्रतियोगिता से।

  1. गद्यांश के आधार पर लगातार दूसरों से की जा रही प्रतिस्पर्धा की हानि/हानियाँ है/हैं।
    उचित विकल्प का चयन कर लिखिए:
    I. शारीरिक थकान
    II. आत्मा की थकान
    III. सामाजिक प्रतिष्ठा की हानि
    IV. आर्थिक नुकसान
    विकल्प:
    1. I और II दोनों
    2. I, II और III तीनों
    3. I, II और तीनों 
    4. I और IV दोनों 
  1. सोशल मीडिया के युग में अपने भीतर स्थिर रहना एक साधना क्यों है?
    1. यह दूसरों की उपलब्धियों को नज़र-अंदाज़ करना सिखाता है।
    2. इससे हम अधिक सफल और प्रसिद्ध हो सकते हैं।
    3. हर दिन दूसरों की उपलब्धियों को दिखा ललचाता रहता है।
    4. प्रतिस्पर्धात्मक युग में इंद्रियों पर नियंत्रण कठिन है।
  2. निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए:
    कथन: हमें अपनी ज़िंदगी में दूसरों के सपनों का अनुकरण बंद कर देना चाहिए।
    कारण: दूसरों की नक़ल से सच्ची खुशी मिल सकती है।
    1. कथन और कारण दोनों गलत हैं।
    2. कथन सही है किंतु कारण गलत है।
    3. कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है।
    4. कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है।
  3. हम सभी को बचपन में कौन-सी सीख दी जाती है और उसका क्या प्रभाव हमारे स्वभाव पर पड़ता है?
  4. खुशी और संतुष्टि किस प्रकार मिल सकती है? आप उसे पाने के लिए क्या करेंगे?
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Chapter:
खंड ‘ख’ (व्यावहारिक व्याकरण)
निर्देशानुसार 'रचना के आधार पर वाक्य भेद' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
[1]3. (i)

मूर्ति की आँखों पर सरकंडे का बना छोटा-सा चश्मा रखा था।
(संयुक्त वाक्य में बदलकर लिखिए)

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Chapter:
[1]3. (ii)

बालगोबिन भगत मँझोले कद के गोरे-चिट्टे आदमी हैं।
(मिश्र वाक्य में बदलकर लिखिए)

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Chapter:
[1]3. (iii)

नवाब साहब ने होंठ पोंछ लिए और गर्व से हमारी ओर देखा।
(सरल वाक्य में बदलकर लिखिए)

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Chapter:
[1]3. (iv)

ये नयी कहानी के लेखक हैं। (रचना के अनुसार वाक्य भेद लिखिए)

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Chapter:
[1]3. (v)

हमारे बीच से वह चला गया जो सबसे अधिक छाया सबसे अधिक छायादार वृक्ष समान था।
(आश्रित उपवाक्य और उसका भेद पहचान कर लिखिए)

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Chapter:
निर्देशातुसार 'वाच्य' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
[1]4. (i)

राम से गिलास टूट गया। (वाच्य का भेद पहचान कर लिखिए)

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Chapter:
[1]4. (ii)

मैं उस पवित्र ज्योति की याद में श्रद्धानत हूँ। (वाच्य का भेद पहचान कर लिखिए)

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Chapter:
[1]4. (iii)

मन्नू भंडारी ने देश की आज़ादी के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
(कर्मवाच्य में बदलकर लिखिए)

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Chapter:
[1]4. (iv)

उनके द्वारा स्वदेशी चिंतन को व्यापक बनाया गया।
(कर्तुवाच्य में बदलकर लिखिए)

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Chapter:
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[1]4. (v)

राजेश बहुत तेज़ दौड़ा। (भाववाच्य में बदलकर लिखिए)

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Chapter:
[1]5. (i)

निर्देशानुसार ‘पद-परिचंय’ पर आधारित प्रश्न के रेखांकित पद का पद-परिचय लिखिए:

महावीर प्रसाद द्विवेदी अपनी लेखनी से स्वाधीनता की चेतना जगा रहे थे।

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Chapter:
[1]5. (ii)

निर्देशानुसार ‘पद-परिचंय’ पर आधारित प्रश्न के रेखांकित पद का पद-परिचय लिखिए:

आसमान में बादल घिर गए थे और बिजली चमक रही थी।

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Chapter:
[1]5. (iii)

निर्देशानुसार ‘पद-परिचंय’ पर आधारित प्रश्न के रेखांकित पद का पद-परिचय लिखिए:

छीः ! ऐसा सोचते हुए तुम्हें शर्म नहीं आती।

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Chapter:
[1]5. (iv)

निर्देशानुसार ‘पद-परिचंय’ पर आधारित प्रश्न के रेखांकित पद का पद-परिचय लिखिए:

कुछ लोग चौराहे पर खड़े थे।

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Chapter:
[1]5. (v)

निर्देशानुसार ‘पद-परिचंय’ पर आधारित प्रश्न के रेखांकित पद का पद-परिचय लिखिए:

विद्यार्थी ये काम अपने-आप करें।

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Chapter:
निर्देशानुसार 'अलंकार' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
[1]6. (i)

‘मानो हँसी हिमालय की है,
फूट चली करती कल गान।’ - काव्य-पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?

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Chapter:
[1]6. (ii)

‘मुख बाल-रवि सम लाल हो,
ज्वाला-सा बोधित हुआ।’ - काव्य-पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?

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Chapter:
[1]6. (iii)

‘बीच मैं खड़ी अलसी हठीली,
देह की पतली कमर की है लचीली।’ - काव्य-पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?

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Chapter:
[1]6. (iv)

‘अतिशयोक्ति अलंकार’ का एक उपयुक्त उदाहरण काव्य-पंक्ति देकर लिखिए।

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Chapter:
[1]6. (v)

‘रूपक अलंकार’ का एक उपयुक्त उदाहरण काव्य-पंक्ति देकर लिखिए।

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Chapter:
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खंड ‘ग’ (पाठ्यपुस्तक एवं पूरक पाठ्यपुस्तक)
[5]7.

निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:

ऊधो! तुम हौ अति बड़भागी।
अपरस रहत सनेह तगा तैं, नाहिन मन अतुरागी।
पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी।
ज्यौं जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौं लागी।
प्रीति-नदी मैं पाउँ न बोरयौ, दृष्टि न रूप परागी।
‘सूरदास’ अबला हम भोरी, गुर चाँटी ज्यों पागी।।
  1. ‘ज्यौं जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौं लागी।’ पंक्ति के द्वारा क्‍या स्पष्ट होता है? [1]
    1. श्रीकृष्ण का मन प्रेम से अछूता रहा।
    2. उद्धव का मन प्रेम से अछूता रहा।
    3. गोपियाँ प्रेम रूपी रस से अछूती रहीं।
    4. तेल से युक्त मटकी पर जल का प्रभाव नहीं होता।
  2. कृष्ण-प्रेम में डूबी गोपियों की तुलना किससे की गई है? [1]
    उचित विकल्प का चयन कर लिखिए:
    I. कमल के पत्ते से
    II. जल में पड़े तेल चुपड़े घड़े से
    III. गुड़ से चिपटी चींटियों से
    विकल्प:
    1. केवल III सही है।
    2. केवल I सही है।
    3. I और II दोनों सही हैं।
    4. II और III दोनों सही हैं।
  3. प्रस्तुत पद के आधार पर सूरदास के काव्य के बारे में कहा जा सकता है।
    उचित विकल्प का चयन कर लिखिए: [1]
    I. सहज उपमाओं द्वारा गूढ़ भाव व्यक्त किए गए हैं।
    II. उनके काव्य में केवल दार्शनिक चिंतन है।
    III. उनका काव्य बहुत अधिक अलंकृत और सजावटी है।
    IV. योग साधना से अधिक कृष्ण-प्रेम को महत्व दिया गया है।
    विकल्प:

    1. I और II सही हैं।
    2. III और IV सही हैं।
    3. II और III सही हैं।
    4. I और IV सही हैं।
  4. निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए: [1]
    कथन: गोपियाँ उद्धव को ‘व्यंग्यकार’ कहते हुए वास्तव में ‘मायावी’ बता रही हैं।
    कारण: वे योग का संदेश लेकर आए हैं। कथन सही है, परंतु कारण गलत है। 

    1. कथन सही है, परंतु कारण गलत है।
    2. कथन और कारण दोनों गलत हैं।
    3. कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है।
    4. कथन और कारण दोनों सही हैं, परंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है।
  5. गोपियों के अनुसार ‘कृष्ण’ किसके समान हैं? [1]

    1. प्रेम-भाव से भरी नदी के समान
    2. स्नेह के सागर से भी दूर
    3. कमल के पत्तों सहित
    4. अनुभवी मन वाले ‘व्यंग्यकार’
  1.  
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Chapter:
[2]8. (i)

निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

परशुराम के आगमन के पश्चात् राजा जनक की सभा का दृश्य ‘राम-लक्ष्मण-परशुराम’ संवाद के आधार पर अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।

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Chapter:
[2]8. (ii)

निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

‘संगतकार’ कविता में कवि जिसे संगतकार की मनुष्यता बता रहा है, वह वास्तव में उसका कर्तव्य ही है। इस कथन के पक्ष में अपने तर्कों प्रस्तुत कीजिए।

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Chapter:
[2]8. (iii)

निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

‘घर छोड़ना मुश्किल’ कविता में बाँस या बबूल के संदर्भ से किसे संबोधित किया गया है और क्यों?

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Chapter:
[2]8. (iv)

निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

‘उत्साह’ कविता का केंद्रीय भाव स्पष्ट करते हुए लिखिए कि उसकी अभिव्यक्ति ‘बादलों’ के सहारे क्यों की गई है?

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Chapter:
[5]9.

निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:

       किसी दिन एक शिष्या ने डरते-डरते खाँ साहब को टोका, “बाबा! आप यह क्या करते हैं, इतनी प्रतिष्ठा है आपकी। अब तो आपको भारतरत्न भी मिल चुका है, यह फटी तहमद न पहना करें। अच्छा नहीं लगता, जब भी कोई आता है आप इसी फटी तहमद में सबसे मिलते है।” खाँ साहब मुस्कराए। लाड़ से भरकर बोले, “धत्! पागली ई भारतरत्न हमको शहनईया पे मिला है, लुंगिया पे नाहीं। तुम लोगों की तरह बनाव सिंगार देखते रहते, तो उमर ही बीत जाती, हो चुकती शहनाई। तब क्या खाक रियाज़ हो पाता। ठीक है बिटिया, आगे से नहीं पहनेंगे, मगर इतना बताई देते हैं कि मालिक से यही दुआ है फटा सुर न बख्शें। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी।”
  1. शिष्या द्वारा बिस्मिल्ला खाँ को टोकेने के पीछे कौन-से कारण थे?
    उचित विकल्प का चयन कर लिखिए: [1]
    I. शिष्या को फटी तहमद के कारण शर्म आ रही थी।
    II. शिष्या खाँ साहब की प्रतिष्ठा के लिए चिंतित था।
    III. खाँ साहब बनाव-श्रृंगार को विशेष महत्व नहीं देते थे।
    IV. शिष्या खाँ साहब के प्रति आत्मीयता का भाव रखती था।
    विकल्प:
    1. कथन I और III सही हैं।
    2. कथन I और IV सही हैं।
    3. कथन II और IV सही हैं।
    4. कथन II और III सही हैं।
  2. बिस्मिल्ला खाँ द्वारा अपनी शिष्या को ‘धत्! पागली’ कहकर संबोधित करने में कौन-सा भाव प्रकट होता है? [1]
    1. हास का
    2. स्नेह का
    3. क्रोध का
    4. उपहास का
  3. निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए: [1]
    कथन: बिस्मिल्ला खाँ ईश्वर से सच्चे सुरों की प्रार्थना करते थे।
    कारण: भारतरत्न पुरस्कार से सम्मानित होने के कारण वे अधिक विनम्र हो गए थे।
    1. कथन सही है, परंतु कारण गलत है।
    2. कथन और कारण दोनों गलत हैं।
    3. कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है।
    4. कथन और कारण दोनों सही हैं, परंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है।
  4. इस गद्यांश के आधार पर खाँ साहब की विशेषताएँ हैं।
    उचित विकल्प का चयन कर लिखिए: [1]
    I. परिश्रमी
    II. प्रतिभावान
    III. सरल
    विकल्प:
    1. I, II और III तीनों
    2. I और II दोनों
    3. II और III दोनों
    4. I और III दोनों
  5. ‘मालिक फटा सुर न बख्शें’ का क्या आशय है? [1]
    1. ईश्वर उनके वादन में सूरीलापन सदैव बनाए रखें।
    2. ईश्वर उनके गायन में सूरीलापन सदैव बनाए रखें।
    3. ईश्वर की अनुकंपा सदैव बनी रहे।
    4. ईश्वर किसी को बेसुरा न बनाए। 
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Chapter:
[2]10. (i)

निर्धारित गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

‘नेताजी का चश्मा’ पाठ में नेताजी की मूर्ति पर पत्थर का चश्मा न होना बड़ी बात नहीं थी, बड़ी बात तो असली चश्मे की मौजूदगी थी। क्यों? उपयुक्त तर्कों के आधार पर उत्तर लिखिए।

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Chapter:
[2]10. (ii)

निर्धारित गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

बालगोबिन भगत का बेटा सामान्य बच्चों से अलग कैसे था? वे उसके साथ किस प्रकार का बर्ताव करते थे?

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Chapter:
[2]10. (iii)

निर्धारित गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

किस आधार पर यह कहा जा सकता है कि ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ में नवाब साहब की खीरे के साथ देखे जाने पर ही असहज हो गए थे?

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Chapter:
[2]10. (iv)

निर्धारित गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए: 

‘एक कहानी यह भी’ पाठ में मन्नू भंडारी ने स्वयं पर अपने पिता के प्रभाव को स्वीकारा है। उनके व्यक्तित्व के किन्हीं दो पहलुओं का उल्लेख कीजिए जो पिता के प्रभाव को दर्शाते हैं।

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Chapter:
[4]11. (i)

निर्धारित पूरक पाठ्यपुस्तक के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए:

‘माता का अँचल’ पाठ के आधार पर भोलानाथ और उसके पिता के संबंधों पर प्रकाश डालते हुए लिखिए कि बच्चों के स्वस्थ विकास में पिता की भूमिका कैसी होनी चाहिए।

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Chapter:
[4]11. (ii)
[4]11. (iii)

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