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प्रश्न
यदि राजा ने बिना जाँच के भाइयों को दोषी ठहरा दिया होता तो इस लोककथा का क्या परिणाम होता?
दीर्घउत्तर
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उत्तर
राजा ने बिना जाँच के भाइयों को दोषी मान लिया होता, तो निर्दोष भाइयों को कठोर सज़ा मिलती। ऊँट का मालिक भी उन पर ही ज़्यादा भरोसा करता। भाइयों की पैनी दृष्टि और बुद्धि को कभी अवसर न मिलता। राजा का फ़ैसला गलत होता, और लोककथा की मुख्य सीख कि पहले सोचना, फिर फ़ैसला देना चाहिए, नहीं मिलती।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
