Advertisements
Advertisements
प्रश्न
यासुकी-चान को अपने पेड़ पर चढ़ाने के लिए तोत्तो-चान ने अथक प्रयास क्यों किया? लिखिए।
Advertisements
उत्तर
यासुकी-चान को पोलियो था, इसलिए वह किसी पेड़ पर नहीं चढ़ पाता था। यासुकी-चान के हाथ-पैर इतने कमज़ोर थे कि वह पहली सीढ़ी पर भी बिना सहारे के नहीं चढ़ पाता था।यासुकी-चान ने अपनी शारीरिक अपंगता के कारण किसी भी पेड़ को निजी नहीं बनाया था। उसके मन की पेड़ पर चढ़ने की इच्छा थी, जिसे पूरा करने के लिए तोत्तो-चांन ने उसे अपने पेड़ पर चढ़ाने का अथक प्रयास किया।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
पक्षी को मैदा से भरी सोने की कटोरी से कड़वी निबौरी क्यों अच्छी लगती है?
दादी माँ ने यह क्यों कहा कि लड़के और ब्रह्मा को मंन एक-सा होता है?
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
गद्यांश के पाठ और लेखक का नाम इनमें से कौन-सा है?
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
खिलौनेवाले का गान गली भर के मकानों में कैसे लहराता था?
गांधी जी कौन-सा आश्रम बना रहे थे?
गांधी जी को आश्रम के लिए कितने स्थान की ज़रूरत थी और क्यों?
मंजरी ने कनक को अपना खिलौना क्यों दे दिया?
रोबोट कई आकार-प्रकार के होते हैं जैसे- गाड़ीनुमा, मशीननुमा आदि। पत्रिकाओं और समाचार-पत्रों से उनके चित्र और मनपसंद लेख काटकर अपनी कॉपी में चिपकाओ। ज़रूरत हो तो कंप्यूटर/इंटरनेट की भी मदद लो।
सरकस के बारे में कौन-कौन सी अफ़वाहें फैली हुई थीं?
हेडमास्टर साहब ने बच्चों को सरकस में जाने से क्यों मना किया होगा?
मिठाईवाले के परिवार के साथ क्या हुआ होगा? सोचिए और इस आधर पर एक और कहानी बनाइए?
क्या आपको लगता है कि-वक्त के साथ फेरी के स्वर कम हुए हैं? कारण लिखिए।
तोत्तो-चान कौन थी? उसकी हार्दिक इच्छा क्या थी?
कंचे कैसे थे?
बहुविकल्पी प्रश्न
युवा पीढ़ी इनमें से किसके बारे में बहुत अधिक जानती है?
बहुविकल्पी प्रश्न
धनराज का बचपन कहाँ बीता?
वर्षा ऋतु में जब आकाश में बादल घिर आते हैं तब मोर पंख फैलाकर धीरे-धीरे मचलने लगता है यह मोहक दृश्य देखने का प्रयास कीजिए।
'रूप' शब्द से कुरूप, स्वरूप, बहुरूप आदि शब्द बनते हैं। इसी प्रकार नीचे लिखे शब्दों से अन्य शब्द बनाओ-
|
गंध |
रंग |
फल |
ज्ञान |
वीर कुंवर सिंह के जीवन से आपको क्या प्रेरणा मिलती है? लिखिए।
अपने प्राणों के बलिदान का अवसर आ गया है। इस वाक्य में "प्राणों का बलिदान देना" मुहावरे का प्रयोग हुआ है।
नीचे मुहावरा दिया गया हैं। इसका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
प्राणों की बाजी लगाना
