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प्रश्न
‘व्यवहार से संस्कार छलकते हैं’, इस विधान काे सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
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उत्तर
हम अपने दैनिक जीवन में जो भी कार्य करते हैं, वही हमारा व्यवहार कहलाता है। व्यवहार ही व्यक्ति के व्यक्तित्व का परिचय देता है। संस्कार मनुष्य के जीवन का स्थायी गुण होते हैं। व्यक्ति के प्रत्येक व्यवहार में उसके संस्कारों की झलक दिखाई देनी चाहिए। जिस व्यक्ति के आचरण में अच्छे संस्कार दिखाई देते हैं, वह सबके दिलों में स्थान बना लेता है। ऐसा व्यक्ति अपने निधन के बाद भी लोगों की स्मृतियों में जीवित रहता है। भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. अब्दुल कलाम जी का व्यवहार भी अत्यंत विनम्र और प्रेरणादायक था। उनके स्वभाव में सरलता, मधुरता और नम्रता स्पष्ट रूप से दिखाई देती थी। उनका जीवन उत्तम व्यवहार और श्रेष्ठ संस्कारों का अनूठा उदाहरण था, जिसके कारण वे विश्वभर में सम्मानित हुए। सभी के साथ प्रेमपूर्वक और शांतिपूर्वक व्यवहार करना, जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा तैयार रहना तथा दूसरों के दुख-दर्द को समझना ही सर्वोत्तम व्यवहार है। ऐसे ही व्यवहार से व्यक्ति के अच्छे संस्कार प्रकट होते हैं।
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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| “यार सुरेश ?” अशोक ने अपने पारिवारिक मित्र से बड़े अचरज से पूछा, मैं हमेशा देखता हूँ, तुम अपनी सौतेली माँ की दिन-रात सेवा करते रहते हो, लेकिन वह तुम्हें हमेशा बुरा-भला ही कहती है। बड़ी अजीब बात है, हमारे तो बस का काम नहीं है इतना सुनना, तुम कैसे कर लेते हो इतना सब्र ?” "करना पड़ता है भाई।” सुरेश ने फीकी मुस्कान से कहा, “इन्वेस्टमेंट सेंटर चलाता हूँ न, बाहर पैसे का इन्वेस्टमेंट करवाता हूँ और घर में संस्कारों का इन्वेस्टमेन्ट कर रहा हूँ।“संस्कारों का इन्वेस्टमेंट, वह कैसे ?” “बचपन में मैंने परिजनों को बुजुर्गों की सेवा करते देखा । इसी भाव का इन्वेस्टमेन्ट अब अपने बच्चों में कर रहा हूँ।” |
(1) उत्तर लिखिए: (2)
(क) सौंतैली माँ का सुरेश के साथ व्यवहार ______।
(ख) सुरेश का सौतेली माँ के प्रति व्यवहार” ______।
(2) परिच्छेद से ढूँढ़कर लिखिए: (2)
(ग) दो प्रत्यय युक्त शब्द ______।
(घ) दो विदेशी शब्द ______।
(3) 'बड़े-बुजुर्ग ही बच्चों के आदर्श' पर अपने विचार लिखिए। (2)
कृति पूर्ण कीजिए:

