Advertisements
Advertisements
प्रश्न
वंशागत और उपार्जित लक्षणों के बीच अंतर बताइए । प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए।
Advertisements
उत्तर
| वंशागत वर्ण | उपार्जित वर्ण |
| वंशागत लक्षण वे लक्षण होते हैं जो व्यक्ति को अपने पूर्वजों से प्राप्त होते हैं। | उपार्जित वर्ण वे लक्षण हैं जो एक व्यक्ति अपने जीवनकाल में प्राप्त करता है। |
| जनन कोशिकाओं के DNA में परिवर्तन के कारण ये लक्षण विकसित होते हैं, इसलिए ये एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में पारित होते हैं। | जनन कोशिकाओं के डीएनए में परिवर्तन के कारण ये लक्षण विकसित नहीं होते हैं, इसलिए ये अगली पीढ़ी को विरासत में नहीं मिलते हैं। |
| उदाहरण - संलग्न या मुक्त कान की लोब, आँख का रंग, त्वचा का रंग, आदि। | उदाहरण - भुखमरी, मांसल शरीर आदि के कारण वजन में कमी। |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
मानव में बच्चे का लिंग निर्धारण कैसे होता है?
आनुवंशिक पदार्थ का विनिमय कब होता है?
मटर के दो पौधों सेजिनमें एक गोल और हरे बौज वाला (RRyy) था और दूसरा झुर्रीदार और पीले बीज वाला (rrYY) था. जब F पीढ़ी उत्पन्न हुई, तब उसके बीज गोल और पीले रंग के बने। F पीढ़ी के पौधों के बीच बनेगें। स्वसंकरण कराए जाने पर F, पीढ़ी के पौधों के बीजों में लक्षणों के कुछ नए समुच्चय बने। निम्नलिखित में से नए समुच्चयों को चुनिए।
- गोल, पीले
- गोल, हरे
- झुर्रीदार, पीले
- झुर्रीदार, हरे
मानव के युग्मनज में लिंग गुणसूत्रों के युग्म/युग्मों की संख्या कितनी होती है? के
मानवों में नवजात बच्चे के लिंग का निर्धारण कैसे होता है?
क्या माँ का आनुवंशिक संयोजन की हाल ही जन्मे बच्चे के लिंग निर्धारण में कोई महत्वपूर्ण भूमिका होती है?
पृथ्वी पर क्या जंतुओं की विविधता से उनकी विविध वंश परंपरा का संकेत मिलता है। विकास के संदर्भ में इस बात की चर्चा कीजिए।
मेंडेल ने अपने प्रयोगों के लिए मटर का पौधा ही क्यों चुना?
एक महिला ने केवल लड़कियों के ही जन्म दिया। आनुवंशिक दृष्टि से इस स्थिति का विश्लेषण कीजिए और उपयुक्त व्याख्या कीजिए।
वंशागति प्रणाली के मूलभूत लक्षण बताइए।
