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विस्तारपूर्वक बताएँ कि मानव क्रियाएँ किस प्रकार प्राकृतिक वनस्पति जात और प्राणी जात के ह्रास के कारक हैं? - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

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प्रश्न

विस्तारपूर्वक बताएँ कि मानव क्रियाएँ किस प्रकार प्राकृतिक वनस्पति जात और प्राणी जात के ह्रास के कारक हैं?

टीपा लिहा
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उत्तर

मानवीय क्रियाएँ निम्न प्रकार से प्राकृतिक वनस्पति जाति और प्राणी जाति के ह्रास का कारण बनती हैं

  1. मानव अपने स्वार्थ के अधीन होकर कभी ईंधन के लिए तो कभी कृषि के लिए वनों को अंधाधुंध काटता है। इससे वन्य वनस्पति तो नष्ट होती ही है साथ ही वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास भी छिन जाता है।
  2. जब उद्योगों खासकर रसायनिक उद्योगों का कुड़ा-कचरा खुले स्थानों पर फेंका जाता है तब भूमि प्रदुषण होता है।
  3. वृक्षों के अंधाधुंध कटने से पर्यावरण को भी नुकसान पहुँचता है, जैसे वर्षा का कम होना।
  4. पशुओं के अति चारण से भी वनस्पति जगत को नुकसान पहुँचता है क्योंकि इससे प्राकृतिक वनस्पति पनप नहीं पाती और वह स्थान धीरे-धीरे बंजर हो जाता है।
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भारत में वन और वन्य जीवन का संरक्षण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2: वन और वन्य जीव संसाधन - अभ्यास [पृष्ठ २४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Samajik Vigyaan Samkaalin Bharat 2 [Hindi] Class 10
पाठ 2 वन और वन्य जीव संसाधन
अभ्यास | Q 4. (ii) | पृष्ठ २४
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