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प्रश्न
विस्कब्रूम क्रमवीक्षक की कार्यविधि का चित्र की सहायता से वर्णन करें तथा यह भी बताएँ कि यह पुशबूम क्रमवीक्षक से कैसे भिन्न है?
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उत्तर
विस्कब्रूम क्रमवीक्षक में एक घूमने वाला दर्पण व एकमात्र संसूचक लगा होता है। दर्पण इस प्रकार से विन्यासित होता है कि जब यह एक चक्कर पूरा करता है, तो संसूचक स्पेक्ट्रम के दृश्य एवं अवरक्त क्षेत्रों में बहुत सारे सँकरे स्पेक्ट्रमी बैन्डों में प्रतिबिम्ब प्राप्त करते हुए दृश्य क्षेत्र में 90° से 120° के मध्य प्रस होता है। संवेदक का वह पूरा क्षेत्र, जहाँ तक यह पहुँच सकता है, उसे स्कैनर का कुल दृष्टि-क्षेत्र कहा जाता है। पूरे क्षेत्र के क्रमवीक्षण के लिए संवेदक का प्रकाशीय सिरा एक निश्चित आयाम का होता है, जिसे तात्क्षणिक दृष्टि-क्षेत्र कहा जाता है।
क्रमवीक्षण दर = 2 x `10^2` से° प्रति क्रमवीक्षण रेखा

वास समय = `("क्रमवीक्षण दर प्रतिरेखा")/("प्रति रेखा सेल नंबर")`= `(2xx10^-2 "से°")/(2000 "सेल")`= 1 x `10^-5 "से° सेल"^-1`
विस्कब्रूम क्रमवीक्षण क्रियाविधि
प्रत्येक संसूचक का टैक्नीक दृष्टी क्षेत्र = 1 म्राद

वास समय= `("सेल विस्तार")/("वेग")`= `(10"मी° सेल"^-1)/(200 "मी°से°"-^1)`= 5 x `10^-2 "से° सेल"^-1`
पुशब्रूम क्रमवीक्षक
इसका मुख्य अंतर यह है कि विस्कब्रूम एकमात्र संसूचक पर आधारित है, जबकि पुशबूम में बहुत से संसूचक हैं।
