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विश्व के विभिन्न भागों में आयु-लिंग में असंतुलन के लिए उत्तरदाई कारकों तथा व्यावसायिक संरचना की विवेचना कीजिए। - Geography (भूगोल)

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प्रश्न

विश्व के विभिन्न भागों में आयु-लिंग में असंतुलन के लिए उत्तरदाई कारकों तथा व्यावसायिक संरचना की विवेचना कीजिए।

दीर्घउत्तर
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उत्तर

जनसंख्या की आयु-लिंग संरचना का आशय विभिन्न आयु वर्गों में स्त्रियों और पुरुषों की संख्या से है। इसे जनसंख्या पिरामिड के द्वारा दर्शाया जाता है। विश्व के विभिन्न भागों में विभिन्न आयु वर्गों में लिंग अनुपात समान नहीं है। रूस सहित यूरोप के कुछ देशों में प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या अधिक है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा सूचीबद्ध 139 देशों में लिंग अनुपात स्त्रियों के अनुकूल है। जबकि शेष 72 देशों में प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या कम होने से उनके लिए प्रतिकूल दशाएँ विद्यमान हैं। ऐसा निम्न कारणों से होता है-

  1.  जिन देशों/प्रदेशों में लिंग-भेद अनियंत्रित है, वहाँ लिंग अनुपात प्रत्येक आयु वर्ग में निश्चित रूप से स्त्रियों के लिए प्रतिकूल है।
  2. जिन देशों/प्रदेशों में स्त्री भ्रूणहत्या, स्त्री शिशुहत्या और स्त्रियों के प्रति घरेलू हिंसा प्रचलित है वहाँ भी स्त्रियों की संख्या प्रत्येक आयु-वर्ग में पुरुषों की तुलना में कम है।
  3. जिन क्षेत्रों में स्त्रियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति दयनीय है, वे रोज़गारोन्मुख नहीं हैं वहाँ भी स्त्रियों की संख्या प्रत्येक आयु वर्ग में पुरुषों की तुलना में कम है।
  4. व्यावसायिक संरचना का अवलोकन करने से ज्ञात होता है कि कार्यशील जनसंख्या 15 से 59 आयु वर्ग में स्त्रियों और पुरुषों के अनुपात में विश्व के विभिन्न देशों में भारी अंतर देखने को मिलता है। विकसित देशों में स्त्री साक्षरता दर तथा उनके रोजगारोन्मुख होने की दर विकासशील व अल्पविकसित देशों की तुलना में अधिक है। उनके स्वास्थ्य व रहन-सहन की दशाएँ भी अच्छी हैं। वे उन सभी सुख-सुविधाओं का उपभोग करती हैं जिनका उपभोग पुरुष कर रहे हैं।
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लिंग संघटन
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