Advertisements
Advertisements
प्रश्न
विद्युत् चुंबक, चुंबकीय पदार्थों को आकर्षित नहीं करता।
पर्याय
सत्य
असत्य
Advertisements
उत्तर
यह विधान असत्य हैं।
स्पष्टीकरण:
- विद्युत चुंबक का कार्य विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव पर आधारित होता है।
- एक विद्युत चुंबक एक चुंबक के रूप में व्यवहार करता है, जब उसमें से करंट गुजरता है। इसलिए, यह लोहे के एक टुकड़े को आकर्षित करेगा।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
विद्युत परिपथों के निम्नलिखित अवयवों को निरूपित करने वाले प्रतिक अपनी नोटबुक पर खींचिए: संयोजक तार, स्विच 'ऑफ' की स्थिति में, विद्युत बल्ब, विद्युत सेल, स्विच 'ऑन' की स्थिति में तथा बैटरी।
चित्र में चार सेल दिखाए गए हैं। रेखाएँ खींचकर यह निर्दिष्ट कीजिए कि चार सेलों के टर्मिनलों को तारों द्वारा संयोजित करके आप बैटरी कैसे बनाएँगे?

चित्र में दर्शाए गए परिपथ में बल्ब दीप्त नहीं हो पा रहा है। क्या आप इसका कारण पता लगा सकते हैं? परिपथ में आवश्यक परिवर्तन करके बल्ब को प्रदीप्त कीजिए।

जब किसी विद्युत् हीटर के स्विच को ‘ऑन’ करते है, तो इसका ______ रक्त तप्त (लाल) हो जाता है।
विद्युत धारा के तापीय प्रभाव पर आधारित सुरक्षा युक्ति को ______ कहते हैं।
दो सेलों की बैटरी बनाने के लिए एक सेल के ऋण टर्मिनल को दूसरे सेल के ऋण टर्मिनल से संयोजित कहते हैं।
जब किसी फ्यूज में से किसी निश्चित सीमा से अधिक विद्युत् धारा प्रवहित होती है, तो वह पिघलकर टूट जाता है।
मान लीजिए कि कोई विद्युत मिस्त्री आपके घर के विद्युत परिपथ में कोई मरम्मत कर रहा है। वह ताँबे के एक तार को फ़्यूज़ के रूप में उपयोग करना चाहता है। क्या आप उससे सहमत होंगे? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
चित्र में दर्शाए गए विद्युत परिपथ में जब स्विच को 'ऑन' की स्थिति में लाते हैं, तो बल्बों A, B तथा C के दीप्त होने का क्रम क्या होगा?

विद्युत साधित्रों की मरम्मत करने वाली किसी दुकान पर जाइए। दुकान के इलेक्ट्रीशियन से विविध प्रकार के फ़्यूज़ तथा MCBs दिखाने के लिए निवेदन कीजिए और उनसे यह समझने का प्रयास कीजिए कि ये कैसे कार्य करते हैं।
