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विभिन्न प्रकार की ग्रामीण बस्तियों के लक्षणों की विवेचना कीजिए। विभिन्न भौतिक पर्यावरणों में बस्तियों के प्रारूपों के लिए उत्तरदायी कारक कौन-से हैं?

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प्रश्न

विभिन्न प्रकार की ग्रामीण बस्तियों के लक्षणों की विवेचना कीजिए। विभिन्न भौतिक पर्यावरणों में बस्तियों के प्रारूपों के लिए उत्तरदायी कारक कौन-से हैं?

दीर्घउत्तर
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उत्तर

भारत में मानव बसाव के आकार व प्रकार के आधार पर ग्रामीण बस्तियों को चार वर्गों में रखा जाता है –

  1. गुच्छित, संकलित अथवा आकेंद्रित – गुच्छित ग्रामीण बस्ती घरों का एक संहत अथवा संकुलित प्रारूप होता है जो कि इसके चारों ओर फैले खेतों, खलिहानों और चरागाहों से पृथक होता है। संकुलित प्रारूप में ज्यामितीय आकृतियाँ प्रस्तुत करती गलियाँ व मुख्य मार्ग होते हैं। जैसे-आयताकार, अरीय, रैखिक इत्यादि। भारत के उपजाऊ जलोढ़ मैदानों, उत्तर-पूर्वी राज्यों, मध्य भारत तथा राजस्थान के जल अभाव वाले क्षेत्रों में
    गुच्छित अथवा संकुलित बस्तियाँ पायी जाती हैं। सुरक्षा या प्रतिरक्षा कारणों से भी लोग संहत गाँवों में रहते हैं।
  2. अर्ध-गुच्छित बस्तियाँ – अर्ध-गुच्छित बस्तियाँ प्रायः किसी बड़े गाँव के विखंडन का परिणाम होता है। इसमें ग्रामीण समाज का कोई वर्ग स्वेच्छा से अथवा बलपूर्वक मुख्य गुच्छ अथवा गाँव से अलग थोड़ी दूरी पर रहने लगता है। गाँव के केंद्रीय भाग पर प्रभावशाली लोग काबिज रहते हैं। ऐसी बस्तियाँ गुजरात के मैदान तथा राजस्थान के कुछ भागों में पायी जाती हैं।
  3. पल्ली बस्तियाँ – जब कोई बस्ती भौतिक रूप से अनेक इकाइयों में बँट जाती हैं किंतु उन सबका नाम एक ही रहता है, ऐसी इकाइयों को देश के अलग-अलग भागों में स्थानीय स्तर पर पान्ना, पाड़ा, पाली, नगला, ढाँणी इत्यादि कहा जाता है। यह विखंडन प्रायः सामाजिक एवं मानव जातीय कारकों द्वारा अभिप्रेरित होता है। ऐसे गाँव मध्य और निम्न गंगा के मैदान, छत्तीसगढ़ तथा हिमालय की निचली घाटियों में अधिक पाये जाते
  4. परिक्षिप्त बस्तियाँ – परिक्षिप्त अथवा एकाकी बस्ती प्रारूप भारत के मेघालय, उत्तरांचल, हिमालय प्रदेश तथा केरल के अनेक भागों में छोटी पहाड़ियों की छालों पर, जंगलों में तथा भूभाग की अत्यधिक विखंडित प्रकृति वाले स्थानों पर देखने को मिलता है।
    ग्रामीण बस्तियों के विभिन्न प्रकारों के लिए अनेक कारक और दशाएँ उत्तरदायी होती हैं; जैसे
  • भौतिक कारक-भू-भाग की प्रकृति, ऊँचाई, जलवायु तथा जल की उपलब्धता,
  • सांस्कृतिक और मानव जातीय कारक-सामाजिक संरचना, जाति और धर्म,
  • सुरक्षा संबंधी कारक-चोरियों और डकैतियों से सुरक्षा।
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ग्रामीण बस्तियों के प्रकार
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2: मानव बस्तियाँ - अभ्यास [पृष्ठ ३९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhugol Bharat Log aur Arthvyavastha [Hindi] Class 12
पाठ 2 मानव बस्तियाँ
अभ्यास | Q 3. (i) | पृष्ठ ३९
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