मराठी

‘उत्साह’ कविता के काव्य-सौंदर्य पर प्रकाश डालिए। - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

‘उत्साह’ कविता के काव्य-सौंदर्य पर प्रकाश डालिए।

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

‘उत्साह’ कविता की प्रस्तुत पंक्तियों में कवि ने तत्सम व तद्भव शब्दावली युक्त साहित्यिक खड़ी बोली का प्रयोग किया है। भाषा ओजपूर्णयुक्त तथा वीर रस प्रधान है। कविता में अलंकारों का सुंदर प्रयोग है जैसे कि ललित ललित-विकल विकल घेर-घेर में पुनरुक्ति अलंकार का प्रयोग है। ‘बाल कल्पना के से पाल में’ उपमा अलंकार ‘आए अज्ञात दिशा से अज्ञात के घन’ में अनुप्रास अलंकार का प्रयोग है। कवि ने ध्वन्यात्मक शब्दों का सुंदर प्रयोग किया है। लयात्मक शैली, कविता गेयात्मक है। बादलों का प्रतीकात्मक प्रयोग है क्योंकि यह उल्लास और उमंग से वातावरण सुंदर बना देते हैं। इस कविता में मर्मिक सौंदर्य की अभिव्यक्ति हुई है।

shaalaa.com
उत्साह
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2021-2022 (March) Delhi Set 1

संबंधित प्रश्‍न

कवि बादल से फुहार, रिमझिम या बरसने के स्थान पर 'गरजने' के लिए कहता है, क्यों?


कविता का शीर्षक उत्साह क्यों रखा गया है?


कविता में बादल किन-किन अर्थों की ओर संकेत करता है?


शब्दों का ऐसा प्रयोग जिससे कविता के किसी खास भाव या दृश्य में ध्वन्यात्मक प्रभाव पैदा हो, नाद-सौंदर्य कहलाता है।उत्साह कविता में ऐसे कौन-से शब्द हैं जिनमें नाद-सौंदर्य मौजूद है, छाँटकर लिखें।


जैसे बादल उमड़-घुमड़कर बारिश करते हैं वैसे ही कवि के अंतर्मन में भी भावों के बादल उमड़-घुमड़कर कविता के रूप में अभिव्यक्त होते हैं। ऐसे ही किसी प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर अपने उमड़ते भावों को कविता में उतारिए।


कवि युवा कवियों से क्या आवान करता है?


कवि ने ‘नवजीवन’ का प्रयोग बादलों के लिए भी किया है। स्पष्ट कीजिए।


बादल आने से पूर्व प्राणियों की मनोदशा का चित्रण कीजिए।


कवि निराला बादलों में क्या-क्या संभावनाएँ देखते हैं?


कवि ने बादलों के किन-किन विशेषणों का प्रयोग किया है, स्पष्ट कीजिए।


आपके पाठ्यक्रम की किस कविता में कवि ने बादल से फुहार, रिमझिम तथा बरसने के स्थान पर गरजने के लिए कहा है? इस आहवान का क्या कारण है? अपने शब्दों में लिखिए।


इस सत्र में पढ़ी गई किस कविता में कवि ने बादलों के विविध रूपों का चित्रण किया है? उनका वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।


विश्व के सभी जन गर्मी और अन्याय से किस मनोदशा में थे? 'उत्साह' कविता के आधार पर लिखिए -


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×