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प्रश्न
दिए गए अनुच्छेद को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उसके नीचे दिए गए प्रश्नों का उत्तर लिखिए।
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जल प्रदूषण उत्पादन प्रक्रिया में, उद्योग अनेक अवांछित उत्पाद पैदा करते हैं जिनमें औद्योगिक कचरा, प्रदूषित अपशिष्ट जल, ज़हरीली गैसें, रासायनिक अवशेष, अनेक भारी धातुएँ, धूल, धुआँ आदि शामिल होता है। अधिकतर औद्योगिक कचरे को बहते जल में अथवा झीलों आदि में विसर्जित कर दिया जाता है। परिणामस्वरूप विषाक्त रासायनिक तत्व जलाशयों, नदियों तथा अन्य जल भंडारों में पहुँच जाते हैं जो इन जलों में रहने वाली जैव प्रणाली को नष्ट करते हैं। सर्वाधिक जल प्रदूषक उद्योग-चमड़ा, लुगदी व कागज़, वस्त्र तथा रसायन हैं।
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- भारत में किस प्रकार जल प्रदूषण में उद्योगों का प्रमुख योगदान है? व्याख्या कीजिए। (1)
- जल प्रदूषण को कम करने का उपाय सुझाइए। (1)
- भारत की दो अत्यधिक प्रदूषित नदियों का उल्लेख कीजिए। (1)
सविस्तर उत्तर
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उत्तर
- उद्योग उपचारित न किए गए औद्योगिक कचरे, रासायनिक अवशेषों और भारी धातुओं को सीधे बहते जल या झीलों में विसर्जित करके जल प्रदूषण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, जिससे जलीय पारिस्थितिकी तंत्र नष्ट हो जाता है।
- कारखानों से निकलने वाले गंदे पानी और कचरे को सीधे नदियों या तालाबों में नहीं फेंकना चाहिए। इसे रोकने के लिए उद्योगों को चाहिए कि वे इस पानी को पहले साफ़ करने वाली मशीनों से शुद्ध करें। साथ ही, कंपनियों को उसी पानी को बार-बार साफ़ करके दोबारा इस्तेमाल करने की तकनीक अपनानी चाहिए, ताकि कम से कम गंदगी बाहर निकले और हमारी नदियाँ सुरक्षित रहें।
- गंगा (विशेष रूप से कानपुर और वाराणसी के निकट) और यमुना (विशेष रूप से दिल्ली और इटावा के बीच का हिस्सा) भारत की दो सबसे अधिक प्रदूषित नदियाँ हैं।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
