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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता १० वी

उत्क्रांती में शरीर विज्ञान संबंधी प्रमाणों का महत्त्व सोदाहरण स्पष्ट कीजिए। - Science and Technology 2 [विज्ञान और प्रौद्योगिकी २]

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प्रश्न

उत्क्रांती में शरीर विज्ञान संबंधी प्रमाणों का महत्त्व सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।

टीपा लिहा
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उत्तर

  1. विभिन्न जीवों की शरीर रचना तथा उनकी आंतरिक संरचना में समानता दिखाई देती है। उदाहरण के लिए मानव का हाथ, बिल्ली का अग्रपाद, चमगादड़ का चर्मप्रसर (Patagium) तथा व्हेल की पट्टिका (Flipper) इत्यादि में आंतरिक संरचना में समानता दिखाई देती है। इन सभी नमूनों के प्राणियों की हड्डियों की संधि में समानता दिखाई देती है।
  2. इनके बाह्य शरीर की रचना में कोई भी समानता नहीं दिखाई देती है। भिन्न-भिन्न प्राणियों के अंगों के उपयोग में भी अंतर पाया जाता है। शारीरिक रचना के दृष्टिकोण से भी इनमें कोई संबंध नहीं हो सकता है।
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उत्क्रांती का प्रमाण (Evidences of Evolution )
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पाठ 1: आनुवांशिकता और उत्क्रांती - स्वाध्याय [पृष्ठ ११]

APPEARS IN

बालभारती Vigyaan aur Prodyogiki 2 [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
पाठ 1 आनुवांशिकता और उत्क्रांती
स्वाध्याय | Q 7. ई. | पृष्ठ ११

संबंधित प्रश्‍न

निम्न वाक्य को पढ़कर उनके समर्थनार्थ उचित उदाहरण के साथ उत्तर अपने शब्दों में लिखिए।

समपृष्ठरज्जु प्राणियों में भ्रूणविज्ञानविषयक प्रमाण दिखाई देते हैं।


मानवीय शरीर में पाए जानेवाले ______ यह अवशेषांग उत्क्रांती का प्रमाण है।


टिप्पणी लिखिए।

भ्रूण विज्ञान


टिप्पणी लिखिए।

संयोजी कड़ी


अवशेषांग क्या है?


जीवाश्म क्या है, यह बताकर उत्क्रांती के लिए प्रमाण के रूप मे जीवाश्म को प्रमाण माना जाता है यह उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।


नीचे दी गई आकृति पूर्ण कीजिए:


असंगत शब्द पहचानो:


मानवीय शरीर में पाए जानेवाले अवशेषांगों के नाम लिखिए।


मानव शरीर के अवशेषांग अन्य कौन से प्राणियों के लिए उपयुक्त हैं, लिखिए।


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