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उन पदार्थों की सूची तैयार कीजिए, जिनमें कार्बन -4 से +4 तक की तथा नाइट्रोजन -3 से +5 तक की ऑक्सीकरण अवस्था होती है। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

उन पदार्थों की सूची तैयार कीजिए, जिनमें कार्बन -4 से +4 तक की तथा नाइट्रोजन -3 से +5 तक की ऑक्सीकरण अवस्था होती है।

तक्ता
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उत्तर

कार्बन के यौगिक
(Compounds of Carbon)
कार्बन की ऑक्सीकरण अवस्था
(O.S. of C)
नाइट्रोजन के यौगिक
(Compounds of Nitrogen)
N की ऑक्सीकरण
अवस्था
(O.S. of N)
CH4 -4 NH3 -3
CH3 - CH3 -3 NH2 - NH2 -2
CH3Cl -2 NH2OH -1
CH ≡ CH -1 N2 0
CH2Cl2 0 N2O +1
CHCl3 +2 NO +2
CCl4 +4 N2O3 +3
    NO2 +4
    N2O5 +5
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अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित यौगिक के सूत्र लिखिए-

मरक्यूरी (II) क्लोराइड


निम्नलिखित यौगिक के सूत्र लिखिए-

थेलियम (I) सल्फेट


अपनी अभिक्रियाओं में सल्फर डाइऑक्साइड तथा हाइड्रोजन परॉक्साइड ऑक्सीकारक तथा अपचायक दोनों ही रूपों में क्रिया करते हैं, जबकि ओजोन तथा नाइट्रिक अम्ल केवल ऑक्सीकारक के रूप में ही। क्यों?


"जब भी एक ऑक्सीकारक तथा अपचायक के बीच अभिक्रिया संपन्न की जाती है, तब अपचायक के आधिक्य में निम्नतर ऑक्सीकरण अवस्था का यौगिक तथा ऑक्सीकारक के आधिक्य में उच्चतर ऑक्सीकरण अवस्था का यौगिक बनता है।" इस वक्तव्य का औचित्य तीन उदाहरण देकर दीजिए।


इस प्रेक्षण की अनुकूलता को कैसे समझाएँगे?

यद्यपि क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट तथा अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट दोनों ही ऑक्सीकारक हैं। फिर भी टॉलूईन से बेंजोइक अम्ल बनाने के लिए हम एल्कोहॉलक पोटैशियम परमैंगनेट का प्रयोग ऑक्सीकारक के रूप में क्यों करते हैं? इस अभिक्रिया के लिए संतुलित अपचयोपचय समीकरण दीजिए।


निम्नलिखित अभिक्रिया में ऑक्सीकृत, अपचयित, ऑक्सीकारक तथा अपचायक पदार्थ पहचानिए-

\[\ce{2AgBr(s) + C6H6O2(aq) -> 2Ag(s) + 2HBr(aq) + C6H4O2(aq)}\]


निम्नलिखित अभिक्रियाओं में-

(क) \[\ce{H3PO2(aq) + 4AgNO3(aq) + 2H2O(l) -> H3PO4(aq) + 4Ag(s) +4HNO3(aq) }\]

(ख) \[\ce{H3PO2(aq) + 2CuSO4(aq) + 2H2O(l) -> H3PO4(aq) + 2Cu(s) + 2H2SO4(aq)}\]

(ग) \[\ce{C6H5CHO(l) + 2[Ag(NH3)2)]^+ (aq) + 3OH^-(aq) -> C6H5COO^-(aq) + 2Ag(s) + 4NH3(aq) + 2H2O(l)}\]

(घ) \[\ce{C6H5CHO(l) + 2Cu^2+(aq) + 5OH^-(aq)}\] कोई परिवर्तन नहीं।

इन अभिक्रियाओं से Ag+ तथा Cu2+ के व्यवहार के विषय में निष्कर्ष निकालिए।


आयन-इलेक्ट्रॉन विधि द्वारा निम्नलिखित रेडॉक्स अभिक्रियाओं को संतुलित कीजिए-

\[\ce{MnO^-_4(aq) + I^-(aq) -> MnO2(s) + I2(s)}\] (क्षारीय माध्यम)


आयन-इलेक्ट्रॉन विधि द्वारा निम्नलिखित रेडॉक्स अभिक्रिया को संतुलित कीजिए-

\[\ce{MnO^-_4(aq)  +SO2(g) -> Mn^2+(aq) + HSO^-_4(aq)}\] (अम्लीय माध्यम)


आयन-इलेक्ट्रॉन विधि द्वारा निम्नलिखित रेडॉक्स अभिक्रिया को संतुलित कीजिए-

\[\ce{Cr2O^2-_7 + SO2(g) -> Cr^3+(aq) + SO^2-_4(aq)}\] (अम्लीय माध्यम)


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