मराठी

उल्बवेधन एक घातक लिंग निर्धारण (जाँच) प्रक्रिया है, जो हमारे देश में निषेधित है? क्या यह आवश्यक होना चाहिए? टिप्पणी करें। - Biology (जीव विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

उल्बवेधन एक घातक लिंग निर्धारण (जाँच) प्रक्रिया है, जो हमारे देश में निषेधित है? क्या यह आवश्यक होना चाहिए? टिप्पणी करें।

सविस्तर उत्तर
Advertisements

उत्तर

उल्बवेधन एक ऐसी तकनीक है जिसके अंतर्गत माता के गर्भ में से एमनीओटिक द्रव्य का कुछ भाग सुई द्वारा बाहर निकाला जाता है। इस द्रव्य में भ्रूण की कोशिकाएँ होती हैं जिसके गुणसूत्रों का विश्लेषण करके भ्रूण की लिंग जाँच, आनुवांशिक संरचना, आनुवांशिक विकार व चयापचयी विकारों का पता लगाया जा सकता है। अत: इस जाँच प्रक्रिया का प्रमुख उद्देश्य होने वाली संतान में किसी भी संभावित विकलांगता अथवा विकार का पता लगाना है जिससे माता को गर्भपात कराने का आधार मिल सके। लेकिन आजकल इस तकनीक का दुरुपयोग भ्रूण लिंग ज्ञात करके, मादा भ्रूण हत्या के लिए हो रहा है। इसके फलस्वरूप हमारे देश का लिंगानुपात असंतुलित होता जा रहा है। मादा भ्रूण के सामान्य होने पर भी गर्भपात कर दिया जाता है क्योंकि अभी भी हमारे समाज में पुत्र जन्म को प्राथमिकता दी जाती है। ऐसा गर्भपात एक बच्चे की हत्या के समतुल्य है, अतः उल्बवेधन पर कानूनी प्रतिबंध लगाना अति आवश्यक है।

shaalaa.com
जनन स्वास्थ्य - समस्याएँ एवं कार्यनीतियाँ
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 3: जनन स्वास्थ्य - अभ्यास [पृष्ठ ५७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Jeev Vigyan [Hindi] Class 12
पाठ 3 जनन स्वास्थ्य
अभ्यास | Q 8. | पृष्ठ ५७
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×