Advertisements
Advertisements
प्रश्न
उदाहरणानुसारं रिक्तस्थानानि पूरयत–
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| यथा-स्वसृ (सप्तमी) | स्वसरि | स्वस्रो: | स्वसृषु |
| मातृ (सप्तमी) | ______ | ______ | ______ |
रिकाम्या जागा भरा
Advertisements
उत्तर
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| मातृ (सप्तमी) | मातरि | मात्रोः | मातृषु |
shaalaa.com
कण्टकेनैव कण्टकम्
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 5: कण्टकेनैव कण्टकम् - अभ्यासः [पृष्ठ ३२]
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
चञ्चल: व्याघ्रं कुत्र दृष्टवान्?
कस्मै किमपि अकार्यं न भवति।
चञ्चलेन वने किं कृतम्?
चञ्चलः ‘मातृस्वसः!’ इति कां सम्बोधितवान्?
अधोलिखितानि वाक्यानि कः/का कं/कां प्रति कथयति-
| कः/का | कं/कां | |
| कल्याणं भवतु ते। | ______ | ______ |
अधोलिखितानि वाक्यानि कः/का कं/कां प्रति कथयति-
| कः/का | कं/कां | |
| यत्र कुत्रापि छेदनं कुर्वन्ति। | ______ | ______ |
रेखांकित पदमाधृत्य प्रश्ननिर्माण–
मानवाः वृक्षाणां छायायां विरमन्ति।
रेखांकित पदमाधृत्य प्रश्ननिर्माण–
व्याघ्रः नद्याः जलेन व्याधस्य पिपासामशमयत्।
यथानिर्देशमुत्तरत-
सः लोमशिकायै सर्वां कथां न्यवेदयत् - अस्मिन् वाक्ये विशेषणपदं किम्?
यथानिर्देशमुत्तरत–
अहं त्वत्कृते धर्मम् आचरितवान् – अत्र अहम् इति सर्वनामपदं कस्मै प्रयुक्तम्?
उदाहरणानुसारं रिक्तस्थानानि पूरयत–
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| यथा - मातृ (तृतीया) | मात्रा | मातृभ्याम् | मातृभिः |
| स्वसृ (तृतीया) | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं रिक्तस्थानानि पूरयत–
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| यथा-स्वसृ (षष्ठी) | स्वसुः | स्वस्रो: | स्वसणाम् |
| मातृ (षष्ठी) | ______ | ______ | ______ |
धातुं प्रत्ययं च लिखत–
| पदानि | = | धातुः | + | प्रत्ययः |
| गन्तुम् | = | ______ | + | ______ |
धातुं प्रत्ययं च लिखत–
| पदानि | = | धातुः | + | प्रत्ययः |
| द्रष्टुम् | = | ______ | + | ______ |
धातुं प्रत्ययं च लिखत–
| पदानि | = | धातुः | + | प्रत्ययः |
| खादितुम् | = | ______ | + | ______ |
धातुं प्रत्ययं च लिखत–
| पदानि | = | धातुः | + | प्रत्ययः |
| कृत्वा | = | ______ | + | ______ |
सर्वः किं समीहते?
