Advertisements
Advertisements
प्रश्न
तुम क्या सोचते हो कि लड़के-लड़कियों के खेल और खेलने के तरीकों में कोई अंतर होता है?
Advertisements
उत्तर
नहीं, मैं सोचता हूँ कि लड़के तथा लड़कियों के खेल और खेलने के तरीकों में कोई अंतर नहीं होता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
क्या तुम्हारे घर के आस-पास भी कोई खेलने की जगह है?
वहाँ कौन-कौन-से खेल खेले जाते हैं? कौन-कौन खेलता है?
क्या तुम्हारे घर में किसी ने तुम्हें कुछ खेल खेलने से रोका है? कौन-कौन-से खेल?
तुम्हें क्या लगता है, लड़के-लड़कियों के खेलों में अंतर करना चाहिए या नहीं?
क्या तुमने या तुम्हारे किसी दोस्त ने कभी अपने स्कूल, क्लास या मोहल्ले की टीम में खेला है? किसके साथ? कौन-सा खेल?
हम भारत के क्रिकेट खिलाड़ियों के बारे में जानते हैं, उन्हें चाहते हैं। ऐसा क्यों होता है? क्या किसी और खेल के भारतीय खिलाड़ियों को भी ऐसे ही सब जानते और चाहते हैं? (हाँ या नहीं)। तुम्हें इसके बारे में क्या लगता है? जैसे भारत के फुटबॉल या कबड्डी टीम के खिलाड़ियों को तुम पहचानते हो?
लड़कियों को पढ़ाई, खेल या उनकी पसंद के कामों से रोका जाए तो क्या होगा?
अगर तुम्हें किस खेल या ड्रामे में शामिल होने से रोका जाए तो तुम्हें कैसा लगेगा?
खेल के क्षेत्र में तुमने किन-किन महिला खिलाड़ियों के बारे में सुना है? कौन-कौन और किस खेल में हैं?
क्या तुम किसी लड़की या महिला को जानते हो, जिसके जैसा तुम बनना चाहते हो? (फ़िल्म एक्टर और मॉडल छोड़कर कुछ और सोचो।)
