मराठी

तीसरे दोहे में कवि ने किस प्रकार के ज्ञान को महत्व दिया है? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

तीसरे दोहे में कवि ने किस प्रकार के ज्ञान को महत्व दिया है?

एका वाक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

कवि ने यहाँ सहज ज्ञान को महत्व दिया है। वह ज्ञान जो सहजता से सुलभ हो हमें उसी ज्ञान की साधना करनी चाहिए।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 A)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 9: साखियाँ एवं सबद - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ ९३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
पाठ 9 साखियाँ एवं सबद
प्रश्न अभ्यास | Q 3 | पृष्ठ ९३

संबंधित प्रश्‍न

कवयित्री ने अपने व्यर्थ हो रहे प्रयासों की तुलना किससे की है और क्यों?


रसखान अगले जन्म में मनुष्य बनकर कहाँ जन्म लेना चाहते थे और क्यों ?


एक लकुटी और कामरिया पर कवि सब कुछ न्योछावर करने को क्यों तैयार है?


आपके विचार से बच्चों को काम पर क्यों नहीं भेजा जाना चाहिए? उन्हें क्या करने के मौके मिलने चाहिए?


ज्ञान की आँधी का भक्त के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?


मनुष्य ईश्वर को क्यों नहीं खोज पाता है?


बच्चों को किस समय और कहाँ जाते हुए देखकर कवि को पीड़ा हुई है? बच्चे काम पर जा रहे हैं’ कविता के आलोक में लिखिए।


‘तो फिर बचा ही क्या है इस दुनिया में ऐसा प्रश्न कवि कब और क्यों करता है?


‘दुनिया की हजारों सड़कों से गुजरते हुए’ कहकर कवि ने किस ओर संकेत किया है? ‘बच्चे काम पर जा रहे हैं। कविता के आलोक में लिखिए।


भाव स्पष्ट कीजिए -

बालू के साँपों से अंकित

गंगा की सतरंगी रेती


‘ग्राम श्री’ कविता के आधार पर गाँव के उस सौंदर्य का वर्णन कीजिए जिसके कारण वे जन-मन को आकर्षित कर रहे हैं?


‘चंद्रगहना से लौटती बेर’ कविता के उस दृश्य का वर्णन कीजिए जिसे कवि देख रहा है?


बादलों के आने पर प्रकृति में जिन गतिशील क्रियाओं को कवि ने चित्रित किया है, उन्हें लिखिए।


मेघों के लिए 'बन-ठन के, सँवर के' आने की बात क्यों कही गई है?


वर्षा के आने पर अपने आसपास के वातावरण में हुए परिवर्तनों को ध्यान से देखकर एक अनुच्छेद लिखिए।


कविता में मेघ को 'पाहुन' के रूप में चित्रित किया गया है। हमारे यहाँ अतिथि (दामाद) को विशेष महत्व प्राप्त है, लेकिन आज इस परंपरा में परिवर्तन आया है। आपको इसके क्या कारण नज़र आते हैं, लिखिए।


‘मेघ आए’ कविता में बादलों को किसके समान बताया गया है?


‘मेघ आए’ कविता में अतिथि का जो स्वागत-सत्कार हुआ है, उसमें भारतीय संस्कृति की कितनी झलक मिली है, अपने शब्दों में लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×