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प्रश्न
सुरेखा एक राज्य विधानसभा क्षेत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने वाली अधिकारी है। चुनाव के इन चरणों में उसे किन-किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?
- चुनाव प्रचार
- मतदान के दिन
- मतगणना के दिन
सविस्तर उत्तर
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उत्तर
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चुनाव प्रचार: इसके लिए सुरेखा को यह सुनिश्चित करना होगा कि उम्मीदवार निम्नलिखित न करें:
- मतदाताओं को रिश्वत/घूस अथवा धमकी देना।
- जाति अथवा धर्म के नाम पर वोट देने की अपील करना।
- चुनाव अभियान के लिए सरकारी संसाधनों का प्रयोग करना।
- लोकसभा चुनाव हेतु चुनाव क्षेत्र में 25 लाख रुपए तथा विधानसभा चुनाव में 10 लाख रुपए से अधिक खर्च करना।
- चुनाव प्रचार हेतु पूजा स्थलों का प्रयोग करना।
- मंत्रीगणों द्वारा सरकारी वाहनों, हवाई जहाजों एवं कर्मचारियों का चुनाव हेतु प्रयोग।
- मतदान के दिन:
- मतदान केंद्र शांतिपूर्ण और सुरक्षित हों; बल प्रयोग या धमकी न होने पाए।
- मतदाताओं की पहचान मतदाता सूची एवं पहचान पत्र से सही ढंग से की जाए।
- अनुचित प्रभाव, रिश्वत, डराना-धमकाना या वोट खरीदने जैसी गतिविधियाँ न होने दें।
- मतदान मशीन (EVM/VVPAT) सही तरीके से काम कर रही हो और किसी तरह की छेड़छाड़ न हो।
- वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग मतदाताओं और महिलाओं के लिए उचित सुविधाएँ उपलब्ध हों।
- मतदान स्थल के 100 मीटर के दायरे में प्रचार पर पूर्ण रोक हो।
- मतदान प्रक्रिया गोपनीय तरीके से हो और मतदाता स्वतंत्र रूप से वोट डाल सकें।
- मतदान में लगे कर्मचारियों का काम सुचारू और निष्पक्ष रूप से हो।
- वोटों की गिनती का दिन:
- मतगणना केंद्र में केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जाए।
- EVM/VVPAT को सुरक्षित तरीके से खोला जाए और कड़ी निगरानी में गिनती शुरू की जाए।
- सभी उम्मीदवारों या उनके एजेंटों को गिनती की प्रक्रिया स्पष्ट रूप से दिखे।
- गिनती के दौरान किसी प्रकार का दबाव, धांधली या गड़बड़ी न होने दी जाए।
- हर राउंड की गिनती पूरी पारदर्शिता से घोषित की जाए।
- परिणाम तैयार करते समय किसी तरह की गलती या भ्रम न हो।
- मतगणना समाप्त होने के बाद परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएँ।
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