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प्रश्न
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
|
'चरित थे पूत, भुजा में शक्ति, नम्रता रही सदा संपन्न |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए- (2)

(2) पद्यांश में ढूँढ़कर लिखिए-
(i) ऐसे शब्द जिनका अर्थ निम्न शब्द हो- (1)
- पवित्र अर्थ के लिए प्रयुक्त शब्द - ______
- गरीब अर्थ के लिएं प्रयुक्त शब्द - ______
(ii) वचन परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए- (1)
वचन में सत्य, हृदय में तेज, प्रतिज्ञा में रहती थी टेव।
(3) प्रस्तुत पद्यांश की किन्हीं दो पंक्तियों का भावार्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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उत्तर
(1)

(2) (i)
- पवित्र अर्थ के लिए प्रयुक्त शब्द - पूत
- गरीब अर्थ के लिएं प्रयुक्त शब्द - विपन्न
(ii) वचनों में सत्य, हृदयों में तेज, प्रतिज्ञाओं में रहती थी टेव।
(3) हमारे संचय में था दान, अतिथि थे सदा हमारे देव
वचन में सत्य, हृदय में तेज, प्रतिज्ञा में रहती थी टेव।
भावार्थ - कवि कहते हैं कि भारतवासी सदा संचय करतें हुए दान देते आए हैं, अतिथियों को देव का दर्जा दिया है, हमेशा अपने वचनों में सत्यता का ख्याल रखा है, हमारे हृदय में असीम तेज है और हम अपनी प्रतिज्ञा का निर्वाह करने में हमेशा अटल रहते हैं।
