मराठी

सरोजा और सुवासिनी में क्या गुण, क्या बातें, मिलती-जुलती हैं और क्या अलग हैं?

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प्रश्न

सरोजा और सुवासिनी में क्या गुण, क्या बातें, मिलती-जुलती हैं और क्या अलग हैं?

टीपा लिहा
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उत्तर

सरोजा और सुवासिनी दिखने में एक ही तरह की हैं। उनके चेहरे, कद, नाक, आँखें सब मिलती जुलती हैं यहाँ तक कि दोनों एक ही जैसे कपड़े पहनती हैं। परंतु सरोजा को दो भाषाएँ आती हैं तमिल तथा मराठी। जबकि सुवासिनी को केवल तमिल, आती है।

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किसकी झलक? किसकी छाप?
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पाठ 21: किसकी झलक? किसकी छाप? - चर्चा करो [पृष्ठ १९६]

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एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 5
पाठ 21 किसकी झलक? किसकी छाप?
चर्चा करो | Q 1 | पृष्ठ १९६

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आशिमा की छींक जैसी क्या तुम्हारी भी कुछ खास पहचान है, जो तुम्हारे परिवार के किसी सदस्य से मिलती है? क्या और किससे?

तुम्हारी खास पहचान किससे मिलती है
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नीलिमा की बड़ी नानी से लेकर छोटे समीर तक के नामों की सूची बनाओ। नीलिमा का किससे क्या रिश्ता है? लिखो।


नीलिमा के बाल उसकी नानी की तरह घुँघराले हैं। तुम अपनी किसी बहन, भाई, (चाहे ममेरा भाई, चचेरी बहन) की कोई पहचान देखो। जैसे आँखों का रंग, गालों में गड्ढा (डिम्पल), कद, पतली या मोटी नाक, आवाज़ बताओ कि यह पहचान (गुण) उसकी माँ के परिवार से आई होगी या उसके पिता की तरफ़ से। दी गई तालिका अपनी कॉपी में बनाओ और भरो। यहाँ नीलिमा का उदाहरण देकर समझाया गया है।

नीलिमा-खास पहचान किससे मिलती-जुलती है माँ की तरफ़ से पिता की तरफ़ से
मुँघराले बाल उसकी नानी से ×
       

तुम्हारे बालों का रंग क्या है? अपने बालों का नाप लो और लिखो।


अपने परिवार के लोगों के बाल भी नापो।


तुम्हारे परिवार में सबसे लंबे बाल किसके हैं?


अपने घर के लोगों की लंबाई नापो और तालिका बनाओ।


किसी ऐसे व्यक्ति से बात करो, जो ऊँचा सुनता हो। पता करो, क्या वह बचपन से ही ऊँचा सुनता है? कब से ऊँचा सुनने लगा है? उन्हें क्या-क्या कठिनाइयाँ आती हैं?


तुम्हें क्या लगता है तुम्हारी कौन-कौन-सी ऐसी पहचान है जो तुम्हें माँ की तरफ़ से मिली है?


अपनी क्लास में यह मज़ेदार सर्वे करो। कितने बच्चे यह कर पाते हैं, लिखो।

  1. जीभ को पीछे तालू की तरफ़ मोड़ो, बिना दाँतों से छुए।
  2. जीभ को किनारों से उठाकर एक लंबे रोल की तरह बनाओ।
  3. पैरों की सारी उँगलियों को खोलो। बाकी उँगलियों को हिलाए बिना छोटी उँगली हिलाओ।
  4. हाथ के अँगूठे को अपनी कलाई से लगाओ।
  5. हाथ के बीच वाली उँगलियों का ‘वी’ बनाओ। दो-दो उँगलियाँ इधर-उधर करके।
  6. बिना छुए बाहरी कान हिलाओ।

जो बच्चे ये कर पाएँ, वे अपने परिवार वालों से भी ऐसा ही करने को कहें। क्यों, कितने बच्चों को ये बातें उनके परिवार से मिली हैं?


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