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स्पीशीज्र (प्रजाति) के DNA स्थायित्व को सुनिश्चित करने के लिए लैंगिक जनन करने वाले जीवों द्वारा उपयोग की जाने वाली आनुवंशिकता की कार्यविधि की व्याख्या कीजिए। - Science (विज्ञान)

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प्रश्न

स्पीशीज्र (प्रजाति) के DNA स्थायित्व को सुनिश्चित करने के लिए लैंगिक जनन करने वाले जीवों द्वारा उपयोग की जाने वाली आनुवंशिकता की कार्यविधि की व्याख्या कीजिए।

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उत्तर

प्रत्येक जीन गुणसूत्रों पर मौजूद होता है, जो डीएनए के अलग-अलग, स्वतंत्र टुकड़े होते हैं। जीव की प्रत्येक कोशिका में प्रत्येक गुणसूत्र की दो प्रतियाँ होती हैं, एक नर माता-पिता से और एक मादा माता-पिता से।

युग्मक निर्माण के दौरान (रोगाणु कोशिकाओं में):

  • प्रत्येक युग्मक प्रत्येक जोड़े से एक गुणसूत्र प्राप्त करता है, जो या तो मातृ हो सकता है या पितृ।
  • जब निषेचन होता है, तो दो युग्मक आपस में मिल जाते हैं, जिससे संतान में सामान्य गुणसूत्र संख्या पुनः स्थापित हो जाती है।

यह प्रक्रिया किसी प्रजाति में डीएनए की स्थिरता सुनिश्चित करती है और पीढ़ियों में आनुवंशिक जानकारी को बनाए रखती है।

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