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प्रश्न
सोनी तथा कुश एक फर्म के साझेदार थे तथा 4 : 5 के अनुपात में लाभ-हानि का विभाजन करते थे। हितेश को फर्म के लाभों में 1/5 भाग के लिए एक नए साझेदार के रूप में फर्म में प्रवेश दिया गया। सामान्य संचय, ख्याति तथा परिसम्पत्तियों के पुनर्मूल्यांकन एवं देयताओं के पुनर्निर्धारण पर लाभ सम्बन्धी सभी समायोजनों को करने के पश्चात् सोनी तथा कुश के पूँजी खातों के शेष क्रमशः ₹ 7,00,000 तथा ₹ 13,00,000 थे। हितेश फर्म के लाभों में अपने 1/5 भाग के लिए आनुपातिक पूँजी लाया। हितेश द्वारा लाई गई आनुपातिक पूँजी की राशि ______ थी।
पर्याय
₹ 25,00,000
₹ 20,00,000
₹ 5,00,000
₹ 10,00,000
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उत्तर
सोनी तथा कुश एक फर्म के साझेदार थे तथा 4 : 5 के अनुपात में लाभ-हानि का विभाजन करते थे। हितेश को फर्म के लाभों में 1/5 भाग के लिए एक नए साझेदार के रूप में फर्म में प्रवेश दिया गया। सामान्य संचय, ख्याति तथा परिसम्पत्तियों के पुनर्मूल्यांकन एवं देयताओं के पुनर्निर्धारण पर लाभ सम्बन्धी सभी समायोजनों को करने के पश्चात् सोनी तथा कुश के पूँजी खातों के शेष क्रमशः ₹ 7,00,000 तथा ₹ 13,00,000 थे। हितेश फर्म के लाभों में अपने 1/5 भाग के लिए आनुपातिक पूँजी लाया। हितेश द्वारा लाई गई आनुपातिक पूँजी की राशि ₹ 5,00,000 थी।
स्पष्टीकरण:
1. सोनी और कुश की पूंजी = 7,00,000 + 13,00,000
= 20,00,000
2. सोनी और कुश का हिस्सा:
बचा हुआ हिस्सा = `1 − 1/5`
= `(5 - 1)/5`
= `4/5`
3. फर्म की कुल पूंजी:
यदि `4/5` हिस्सा 20,00,000 है,
कुल पूंजी = `20,00,000 xx 5/4`
= 25,00,000
हितेश की पूंजी = `25,00,000 xx 1/5`
= 5,00,000
