मराठी

संस्कृतभाषयां वाक्यप्रयोगं कुरुत–नित्यम् । - Sanskrit (संस्कृत)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

संस्कृतभाषयां वाक्यप्रयोगं कुरुत–
नित्यम् ।

एका वाक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

नित्यम् - पठामि संस्कृतं नित्यम्।

shaalaa.com
नीतिनवनीतम्
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 10: नीतिनवीनतम् - अभ्यासः [पृष्ठ ७२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Sanskrit - Ruchira Class 8
पाठ 10 नीतिनवीनतम्
अभ्यासः | Q 4. (ङ) | पृष्ठ ७२

संबंधित प्रश्‍न

नीतिनवनीतम् पाठः कस्मात् ग्रन्थात् सङ्कलित?


आत्मवशं किं भवति?


 कीदृशं कर्म समाचरेत्?


अस्माभिः कीदृशं कर्म कर्तव्यम्?


सर्वदा केषां प्रियं कुर्यात्?


स्थूलपदान्यवलम्बय प्रश्ननिर्माणं कुरुत–

वृद्धोपसेविनः आयुविर्द्या यशो बलं न वर्धन्ते।


स्थूलपदान्यवलम्बय प्रश्ननिर्माणं कुरुत–

मातापितरौ नृणां सम्भवे अकथनीयं क्लेशं सहेते।


तयोः नित्यं प्रियं कुर्यात्।


संस्कृतभाषयां वाक्यप्रयोगं कुरुत–

विद्या।


संस्कृतभाषयां वाक्यप्रयोगं कुरुत–

परितोष:।


मातापितरौ नृणां सम्भवे कष्टं सहेते।


मनुष्यः सदैव मनः पूतं समाचरेत्।


मातापित्रे: तपसः निष्कृतिः ______ कर्तुमशक्या।


त्रिषु तुष्टेषु  ______ सर्वं समाप्यते । 


दृष्टिपूतम् न्यसेत् ______।


तयोः______ प्रियं कुर्यात्।


______ कर्म करिष्यसि। तादृशं फलं प्राप्स्यसि।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×