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प्रश्न
संक्षेप में टिप्पणी लिखिए।
समस्थानिकों का मेंडेलीव्ह और आधुनिक आवर्त सारणी में स्थान
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उत्तर
मेंडेलीव द्वारा आवर्त सारणी का प्रतिपादन करने के बहुत समय के बाद समस्थानिकों की खोज हुई। समस्थानिकों के रासायनिक गुणधर्म समान परंतु परमाणु द्रव्यमान भिन्न होने के कारण उन्हे मेंडेलीव आवर्त सारणी में स्थान किस तरह दिए जाएँ यह एक बड़ी चुनौती बनी रही। मोजले ने खोजा कि परमाणु द्रव्यमान तत्त्वों का गुणधर्म न होकर, परमाणु क्रमांक तत्त्वों का गुणधर्म है। किसी भी तत्त्व का परमाणु क्रमांक उसके पहले तत्त्व की अपेक्षा एक क्रमांक से बढ़ा हुआ दिखाई देता है। आधुनिक आवर्त सारणी में तत्त्वों का विन्यास उनके परमाणु क्रमांकों के अनुसार किया गया है। उस समय मेंडेलीव की आवर्त सारणी में तत्त्वों की जोडियों (समस्थानिकों) में आई विसंगति (विषमता) दूर हुई।
`""_17^35"C"1` तथा `""_17^37"C"1`
क्लोरीन के समस्थानिकों को आधुनिक आवर्त सारणी में एक ही स्थान में रखा गया। इन दोनों का परमाणु क्रमांक एक ही है।
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