मराठी

संबंध F = GM m/d2 में राशि G - Science (विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

संबंध F = GM m/d2 में राशि G

पर्याय

  • परीक्षण स्थल पर g के मान पर निर्भर करती है

  • का उपयोग दो द्रव्यमानों में से एक पृथ्वी होने पर ही किया जाता है

  • पृथ्वी की सतह पर अधिकतम होता है

  • प्रकृति का सार्वत्रिक नियतांक है

MCQ
Advertisements

उत्तर

प्रकृति का सार्वत्रिक नियतांक है

स्पष्टीकरण -

प्राकृतिक सार्वत्रिक नियतांक है। यह ब्रह्मांड में मौजूद सभी वस्तुओ के लिए प्रसारित है न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम में, यह समानता का नियतांक है जिसका मान G= 6.67×1011Nm2Kg−2
shaalaa.com
गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 10: गुरुत्वाकर्षण - प्रश्नावली [पृष्ठ ६५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Science [Hindi] Class 9
पाठ 10 गुरुत्वाकर्षण
प्रश्नावली | Q 6. | पृष्ठ ६५

संबंधित प्रश्‍न

पृथ्वी तथा उसकी सतह पर रखी किसी वस्तु के बीच लगने वाले गुरुत्वाकर्षण बल का परिमाण ज्ञात करने का सूत्र लिखिए।


सभी वस्तुओं पर लगने वाला गुरुत्वीय बल उनके द्रव्यमान के समानुपाती होता है। फिर भी एक भारी वस्तु हलकी वस्तु के मुकाबले तेज़ी से क्यों नहीं गिरती?


गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के क्या महत्व हैं?


एक गेंद ऊर्ध्वाधर दिशा मे ऊपर की ओर 49 m/s के वेग से फेंकी जाती है। परिकलन कीजिए।

  1. अधिकतम ऊँचाई जहाँ तक कि गेंद पहुँचती है।
  2. पृथ्वी की सतह पर वापस लौटने में लिया गया कुल समय।

चंद्रमा के पृष्ठ के निकट मुक्त रूप से गिरते विभिन्न द्रव्यमानों के दो पिंडों -


दो पिंडों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल F है। यदि दोनों पिंडों के द्रव्यमान उनके बीच की दूरी को समान रखते हुए आधे कर दिए जाएँ, तो गुरुत्वाकर्षण बल हो जाएगा -


कोई लड़का डोरी से बंधे पत्थर को किसी क्षैतिज वृत्ताकार पथ में घुमा रहा है। यदि डोरी टूट जाएतो वह पत्थर -


किसी पिंड को बारी-बारी से विभिन्न घनत्वों के तीन द्रवों में रखा जाता है। वह पिंड d1,  d2 तथा d3 घनत्वों के द्रवों में क्रमशः `1/9, 2/11 "तथा" 3/7` भाग को द्रव से बाहर रखते हुए तैरता है। घनत्वों के विषय में कौन-सा कथन सही है? 


गुरुत्वाकर्षण के नियम में गुरुत्वाकर्षण बल 


कोई सेब किसी वृक्ष से पृथ्वी पर पृथ्वी व सेब के बीच गुरुत्वाकर्षण बल के कारण गिरता है। यदि पृथ्वी द्वारा सेब पर आरोपित बल का परिमाण F है तथा सेब द्वारा पृथ्वी पर आरोपित बल का परिमाण F2 है, तो -


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×