मराठी

समाचार-पत्रों और लोकप्रिय वैज्ञानिक लेखों से विकास संबंधी नए जीवाश्मों और मतभेदों की जानकारी प्राप्त करें। - Biology (जीव विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

समाचार-पत्रों और लोकप्रिय वैज्ञानिक लेखों से विकास संबंधी नए जीवाश्मों और मतभेदों की जानकारी प्राप्त करें।

सविस्तर उत्तर
Advertisements

उत्तर

जीवाश्म (fossils) चट्टानों से प्राप्त आदिकालीन जीवधारियों के अवशेष या चिह्न होते हैं। जीवाश्मों के अध्ययन को जीवाश्म विज्ञान (Palaeontology) कहते हैं अर्थात् जीवाश्म विज्ञान में लाखों-करोड़ों वर्ष पूर्व के जीवों के अवशेषों का अध्ययन करते हैं। जीवाश्म वैज्ञानिकों के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि किस काल में किस प्रकार के जीव पृथ्वी पर उपस्थित थे। चट्टानों और भूपर्थरी में दबे जीवाश्मों को खोदकर निकाला जाता है। इन चिह्नों या अवशेषों से जीवों की संरचना की परिकल्पना की जाती है।

चट्टानों की आयु ज्ञात करके जीवाश्मों की अनुमानित आयु भी ज्ञात कर ली जाती है। अतः वैज्ञानिक जीवाश्मों को जैव विकास के सशक्त प्रमाण मानते हैं। जीवाश्मों के सबसे परिचित उदाहरणे आर्कियोप्टेरिक्स तथा डायनोसोर हैं। डायनोसोर विशालकाये सरीसृप थे। मेसोज़ोइक युग में इनका पृथ्वी पर साम्राज्य स्थापित था। इस युग को सरीसृपों का स्वर्ण युग (golden age of reptiles) कहा जाता है।

भिन्न युग की चट्टानों से भिन्न-भिन्न प्रकार के जीवों के जीवाश्म पाए गए हैं, जो कि संभवतः उस चट्टान के निर्माण के दौरान उनमें दब गए। वे विलुप्त जीवों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो इस बात पर जोर देते हैं कि पृथ्वी पर जीवन का रूप बदल रहा है। शोधकर्ताओं ने इथियोपिया और तंजानिया में मानव जैसे अस्थि जीवाश्म खोजे हैं। मानव विकास का इतिहास मानव पूर्वजों के जीवाश्मों से ज्ञात है।

shaalaa.com
जीवन - स्वरूप का विकास एक - सिद्धांत
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 6: विकास - अभ्यास [पृष्ठ १३८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Jeev Vigyan [Hindi] Class 12
पाठ 6 विकास
अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ १३८
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×