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सड़क किनारे की दुकानों या साप्ताहिक बाज़ार में मिलने वाले सामान की तुलना में पक्की दुकानों से मिलने वाला सामान महँगा क्यों होता है? - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

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प्रश्न

सड़क किनारे की दुकानों या साप्ताहिक बाज़ार में मिलने वाले सामान की तुलना में पक्की दुकानों से मिलने वाला सामान महँगा क्यों होता है? 

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

सड़क किनारे की दुकानों या साप्ताहिक बाजार में मिलने वाले सामान की तुलना में पक्की दुकानों से मिलने वाला सामान महँगा होने के कारण

  1. पक्की दुकानों को कई तरह के खर्चे, जैसे-दुकानों का किराया, बिजली का बिल, सरकारी शुक्ल आदि देना पड़ता है। इन दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों की तनख्वाह भी इन्हीं खर्चे में जोड़नी होती है।
  2. इन दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों की तनख्वाह भी इन्हीं खर्चे में जोड़नी होती है।
  3. पक्की दुकानों पर स्थानीय उत्पाद कम और ब्रांडेड कम्पनी के सामान अधिक मिलने हैं। स्थानीय उत्पाद वस्तुओं की अपेक्षा ब्रांडेड कम्पनी की वस्तुएँ महँगी होती हैं।
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मोहल्ले की दुकानें
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पाठ 7: हमारे आस-पास के बाज़ार - अभ्यास [पृष्ठ ८५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Social Science - Social and Political Life 2 [Hindi] Class 7
पाठ 7 हमारे आस-पास के बाज़ार
अभ्यास | Q 7. | पृष्ठ ८५
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