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प्रश्न
सहसंबंध जोड़िए:-
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उत्तर
(१) बैठो देवल सिखर पर, वायस गरुड़ न होइ।
(२) काग निबौरी लेत
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दोहा छंद की विशेषताएँ बताइए।
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सरसुति के भंडार की, बड़ी अपूरब बात। नैना देत बताय सब, हिय को हेत-अहेत। अपनी पहुँच बिचारि कै, करतब करिए दौर। फेर न ह्वै हैं कपट सों, जो कीजै ब्यौपार। ऊँचे बैठे ना लहैं, गुन बिन बड़पन कोइ। उद्यम कबहुँ न छाँड़िए, पर आसा के मोद। |
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3. चादर देखकर पैर फैलाना बुद्धिमानी कहलाती हैं। इस विचार पर अपना मत 40 से 50 शब्दों में व्यक्त कीजिए: (2)
