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“सारे जगत की शोभा, निर्भर है इसके ऊपर” कविता में कहा गया है कि वर्षा पर सारे संसार की शोभा निर्भर है। वर्षा के अभाव में मानव जीवन और पशु-पक्षियों पर क्या-क्या प्रभाव पड़ सकता है?

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प्रश्न

“सारे जगत की शोभा, निर्भर है इसके ऊपर” कविता में कहा गया है कि वर्षा पर सारे संसार की शोभा निर्भर है। वर्षा के अभाव में मानव जीवन और पशु-पक्षियों पर क्या-क्या प्रभाव पड़ सकता है?

सविस्तर उत्तर
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उत्तर

वर्षा न हो तो तालाब, कुएँ और नदियाँ सूख सकते हैं। पानी कम होने से पीने का पानी और खेती के लिए पानी की कमी हो सकती है। फसलें सूख जाती हैं, इसलिए अनाज कम मिलता है और लोग भूख व गरीबी का शिकार हो सकते हैं। पशु-पक्षियों को भी पानी और चारा नहीं मिलता। जंगल और पेड़ सूखते हैं, पक्षी अपना घोंसला छोड़कर दूसरी जगह चले जाते हैं। गर्मी, धूल और जलवायु बिगड़ती है। ऐसे में मानव जीवन में चिंता, बीमारियाँ और परेशानी बढ़ सकती हैं। इसलिए वर्षा सारे संसार की सुंदरता और जीवन के लिए बहुत ज़रूरी है।

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पाठ 7: वर्षा-बहार - पाठ से [पृष्ठ ८७]

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एनसीईआरटी Hindi Malhar Class 7
पाठ 7 वर्षा-बहार
पाठ से | Q (क) | पृष्ठ ८७
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