Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| रामस्वरूप: | (दरी उठाते हुए) और बीबी जी के कमरे में से हारमोनियम उठा ला और सितार भी।... जल्दी जा (रतन जाता है। पति-पत्नी तख्त पर दरी बिछाते हैं।) |
| प्रेमा: | लेकिन वह तुम्हारी लाड़ली बेटी उमा तो मुँह फुलाए पड़ी है। |
| रामस्वरूप: | क्या हुआ? |
| प्रेमा: | तुम्हीं ने तो कहा था कि उसे ठीक-ठाक करके नीचे लाना। |
| रामस्वरूप: | अरे हाँ, देखो, उमा से कह देना कि जरा करीने से आए। ये लोग जरा ऐसे ही हैं। खुद पढ़े-लिखे हैं, वकील हैं, सभा-सोसायटियों में जाते हैं; मगर चाहते हैं कि लड़की ज्यादा पढ़ी-लिखी न हो। |
| प्रेमा: | और लड़का? |
| रामस्वरूप: |
बाप सेर है तो लड़का सवा सेर। बी. एस्सी. के बाद लखनऊ में ही तो पढ़ता है मेडिकल कॉलेज में। कहता है कि शादी का सवाल दूसरा है, पढ़ाई का दूसरा। क्या करूँ, मजबूरी है। |
| रतन: | बाबू जी, बाबू जी! (धीमी आवाज में) |
| रामस्वरूप: | (दरवाजे से बाहर झाँककर) अरे प्रेमा, वे आ भी गए। ...तुम उमा को समझा देना, थोड़ा-सा गा देगी। (मेहमानों से) हँ-हँ-हँ। आइए, आइए! [बाबू गोपाल प्रसाद बेठते हैं।] हँ-हँ।... मकान ढूँढ़ने में कुछ तकलीफ तो नहीं हुई? |
| गो. प्रसाद: | (खँखारकर) नहीं। ताँगेवाला जानता था। रास्ता मिलता कैसे नहीं? |
| रामस्वरूप: | हँ-हँ-हँ! (लड़के की तरफ मुखातिब होकर) और कहिए शंकर बाबू, कितने दिनों की छुट्टियाँ हैं? |
| शंकर: | जी, कॉलेज की तो छुट्टियाँ नहीं हैं। ‘वीक एंड’ में चला आया था। |
- लिखिए:
-
गो. प्रसाद को मकान ढूँढ़ने में तकलीफ नहीं हुई कारण: [1]
..................... -
उमा को अवगत कलाएँ − [1]
-
.....................
-
.....................
-
-
- तालिका पूर्ण कीजिए: [2]
रामस्वरूप द्वारा गो. प्रसाद के बारे में दी गईं जानकारी (1) ............................... (2) ............................... - शब्द संपदा
-
निम्नलिखित शब्दों के लिंग परिवर्तन कीजिए: [1]
-
लाड़ली − .....................
-
ताँगेवाला − .....................
-
-
आकृति में दिए हुए शब्दों से कृदंत शब्द ढूँढ़कर उसका अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए: [1]
पसीना, आवाज, पढ़ाई कृदंत शब्द वाक्य ............. .............
-
- अभिव्यक्ति [2]
‘बेटी पढ़ाओ’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
आकलन
Advertisements
उत्तर
-
- गो. प्रसाद को मकान ढूँढ़ने में तकलीफ नहीं हुई कारण: ताँगेवाला रामस्वरूप के घर का पता जानता था।
- उमा को अवगत कलाएँ −
- वादन
- गायन
रामस्वरूप द्वारा गो. प्रसाद के बारे में दी गईं जानकारी (1) खुद पढ़े-लिखे हैं, वकील हैं। (2) सभा-सासोयटियों में जाते हैं।
- लाड़ली − लाड़ला
- ताँगेवाला − ताँगेवाली
-
पसीना, आवाज, पढ़ाई कृदंत शब्द वाक्य पढ़ाई पढ़ाई करने में ही विद्यार्थियों की भलाई हैं।
- यह कहा जाता है कि यदि एक लड़की शिक्षित हो जाती है, तो उसका पूरा परिवार शिक्षित हो जाता है। लेकिन हमारे समाज में अब भी कई जगहों पर बेटियों की शिक्षा को महत्त्व नहीं दिया जाता। इसी कारण आज भी कई बेटियाँ पूरी शिक्षा पाने से वंचित रह जाती हैं। वर्तमान समय में जब शिक्षा का व्यापक प्रसार हो रहा है, तब बेटियों को भी पढ़े-लिखे समाज का हिस्सा बनना है, अपने जीवन को बेहतर बनाना है और योग्य बनकर आत्मनिर्भर होना है। इसलिए बेटियों को शिक्षित करना बहुत ज़रूरी है। सरकार भी “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के ज़रिए इस दिशा में काम कर रही है। हर व्यक्ति की यह ज़िम्मेदारी है कि वह इस विषय को गंभीरता से ले और बेटियों की शिक्षा के लिए उचित व्यवस्था करे।
shaalaa.com
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
