Advertisements
Advertisements
प्रश्न
राज्यसभा में सज्जन और विद्वान लोग क्यों नहीं जाते थे?
Advertisements
उत्तर
राजसभा में सज्जन और विद्वान लोगों का सत्कार नहीं किया जाता था। इसलिए वे राजसभा में नहीं जाते थे।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
राजदरबार के लोग मन ही मन राजा को बुरा कहते थे लेकिन वे राजा का विरोध क्यों नहीं कर पाते थे?
संन्यासी ने सीधे-सीधे शब्दों में भिक्षा क्यों नहीं माँग ली?
तुम नीचे दिए गए वाक्य को किस तरह से कहोगे?
दान के वक्त उनकी मुट्ठी बंद हो जाती थी।
तुम्हारे विचार से राजदरबार में किसकी क्या-क्या जिम्मेदारियाँ होंगी?
भंडारी
तुम नीचे दिए गए वाक्य को किस तरह से कहोगे?
हिसाब देखकर मंत्री का चेहरा फीका पड़ गया।
तुम नीचे दिए गए वाक्य को किस तरह से कहोगे?
संन्यासी की बात सुनकर सभी की जान में जान आई।
सभी ने कहा, “हमारे महाराज कर्ण जैसे ही दानी हैं।”
पता करो कि-
कर्ण कौन थे?
सभी ने कहा, “हमारे महाराज कर्ण जैसे ही दानी हैं।”
पता करो कि-
कर्ण जैसे दानी का क्या मतलब है?
सभी ने कहा, “हमारे महाराज कर्ण जैसे ही दानी हैं।”
पता करो कि-
दान क्या होता है?
सभी ने कहा, “हमारे महाराज कर्ण जैसे ही दानी हैं।”
पता करो कि-
किन-किन कारणों से लोग दान करते हैं?
राजा राजकोष के धन का उपयोग किन-किन कामों में करता था?
तुम्हारे घर में जो पैसा आता है वह कहाँ-कहाँ खर्च होता है? पता करके लिखो।
राजा किसी को दान देना पसंद नहीं करता था।
तुम्हारे विचार से राजा सही था या गलत? अपने उत्तर का कारण भी बताओ।
राजा दान देने के अलावा और किन-किन तरीकों से लोगों की सहायता कर सकता था?
पूर्वी सीमा के लोग भूखे प्यासे मरने लगे।
'पूर्व' शब्द के दो अर्थ हैं।
- पूर्व - एक दिशा
- पूर्व - पहले।
नीचे ऐसा ही कुछ और शब्द दिया गया हैं जिसके दो-दो अर्थ हैं। इसका प्रयोग करते हुए दो-दो वाक्य बनाओ।
जल -
पूर्वी सीमा के लोग भूखे प्यासे मरने लगे।
'पूर्व' शब्द के दो अर्थ हैं।
- पूर्व - एक दिशा
- पूर्व - पहले।
नीचे ऐसा ही कुछ और शब्द दिया गया हैं जिसके दो-दो अर्थ हैं। इसका प्रयोग करते हुए दो-दो वाक्य बनाओ।
मगर -
