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राज्य पुनर्गठन आयोग का काम क्या था? इसकी प्रमुख सिफारिश क्या थी? - Political Science (राजनीति विज्ञान)

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प्रश्न

राज्य पुनर्गठन आयोग का काम क्या था? इसकी प्रमुख सिफारिश क्या थी?

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

राज्य पुनर्गठन आयोग का काम राज्यों के सीमांकन के मामले पर गौर करना था। इसकी प्रमुख सिफारिश यह थी की राज्यों की सीमाओं का निर्धारण वहाँ बोली जाने वाली भाषा के आधार पर होना चाहिए। इस आयोग के रिपोर्ट के आधार पर 1956 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम पास हुआ। इस अधिनियम के आधार पर 14 राज्य और 6 केंद्र - शाषित प्रदेश बनाऐ गए।

  1. राष्ट्र से अभिप्राय - कहा जाता है की व्यापक अर्थ में राष्ट्र एक 'कल्पित समुदाय' है। राज्य की तरह इसे महसूस किया जाता है, उसके अस्तित्व को स्वीकार किया जाता है परन्तु उसे देखा या छुआ नहीं जा सकता। राष्ट्र का अस्तित्व लोगों की एकता या अपने को एक तथा अन्य व्यक्तियों से अलग समझने की भावना पर टिका है।
  2. ब्राइस का कहना है की "राष्टीयता वह जनसमुदाय है जो भाषा, साहित्य, विचारधारा, रीती - रिवाजों आदि के आधार पर आपस में ऐसे बंधा हुआ हो की वह अपने को एक इकाई समझता हो और इसी प्रकार के बंधनों से बँधे अन्य जनसमुदायों से अलग समझता हो। राष्ट्र वह राष्ट्रीयता है जिसने स्वयं को एक स्वतंत्र अथवा स्वतंत्रता की इच्छा रखने वाली राजनितिक स्थान के रूप में संगठित कर लिया है।"
  3. राष्ट्र के आवश्यक तत्व - राष्ट्र के निर्माण के लिए लोगों में यह भावना आनी आवश्यक है की वे एक हैं, बाकि संसार से अलग यह भावना राष्ट्र के प्रति निम्नलिखित तत्त्वों से उतपन्न होती है -
  • समान जाती या नस्ल - एक ही जाती या नस्ल के लोग जब साथ - साथ रहते हैं, तो उनमें एक होने की भावना स्वाभाविक रूप से पैदा हो जाती है। एक ही जाति के लोग अपने को एक तथा अन्य जातियों से अलग समझते हैं। वे अन्य जातियों के साथ मिल - जुलकर नहीं रह सकते और अपनी अलग पहचान बनाए रखना चाहते हैं।
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राज्यों का पुनर्गठन
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