Advertisements
Advertisements
प्रश्न
पुष्पक्रम की परिभाषा करो।
व्याख्या
Advertisements
उत्तर
- फूल एक रुपांतरित प्ररोह है जहां पर प्ररोह का शीर्ष मेरिस्टेम पुष्पी मेरिस्टेम में परिवर्तित हो जाता है। पोरियाँ लंबाई में नहीं बढ़ती और अक्ष दबकर रह जाती है। गांठों पर क्रमानुसार पत्तियों की बजाय पुष्पी उपांग निकलते हैं। जब प्ररोह शीर्ष फूल में परिवर्तित होता है, तब वह सदैव अकेला होता है।
- पुष्पी अक्ष पर फूलों के लगने के क्रम को पुष्पक्रम कहते हैं। शीर्ष का फूल में परिवर्तित होना है अथवा सतत रूप से वृद्धि करने के आधार पर पुष्पक्रम को दो प्रकार असीमाक्षी तथा ससीमाक्षी में बांटा गया है।ऊसीमाक्षी प्रकार के पुष्पक्रम के प्रमुख अक्ष में सतह वृद्धि होती रहती है और फूल पार्श्व में अग्राभिसारी क्रम में लगे रहते हैं।
shaalaa.com
पुष्पक्रम
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
पुष्पी पादपों में विभिन्न प्रकार के पुष्पक्रमों के आधार का वर्णन करो।
फेबेसी कुल के एक-एक पुष्प को उदाहरण के रूप में लो तथा उनका अर्द्धतकनीकी विवरण प्रस्तुत करो। अध्ययन के पश्चात् उनके पुष्पीय चित्र भी बनाओ।
निम्नलिखित की परिभाषा लिखो।
परिजायांगी पुष्प
निम्नलिखित में अंतर लिखो।
असीमाक्षी तथा ससीमाक्षी पुष्पक्रम
निम्नलिखित में अंतर लिखो |
झकड़ा जड़ (मूल) तथा अपस्थानिक मूल
निम्नलिखित में अंतर लिखो।
वियुक्तांडपी तथा युक्तांडपी अंडाशय
