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प्रश्न
पूरक पाठ्य पुस्तक के निर्धारित पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए:
‘यंत्रों की दुनिया ने मनुष्य को यांत्रिक व भाव शून्य बनाने का कार्य किया है, जबकि यात्राएँ मनुष्य को भाव शून्य होने से रोकती हैं।’ ‘साना-साना हाथ जोड़ि’ पाठ के आधार पर आप अपने विचार लिखिए।
दीर्घउत्तर
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उत्तर
- मनुष्य की नीरस होती जीवन-शैली से मुक्ति दिलाने में यात्राएँ बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- मनोरंजन, ज्ञानवर्धन एवं अज्ञात स्थलों की जानकारी के साथ-साथ भाषा एवं संस्कृति का भी आदान-प्रदान होता है।
- ‘साना-साना हाथ जोड़ि’ यात्रा-वृतांत में लेखिका की सिक्किम की यात्रा बहुत ही मोहक, आकर्षक एवं आनंदपूर्ण थी।
- वहाँ का अनुपम सौंदर्य उनकी आत्मा को छू गया था।
- अभूतपूर्व सुंदरता से विराटता तथा महिमा से सम्मोहित हो उठीं।
- फूलों की घाटियाँ, झर-झर गिरते जल-प्रपात तथा गहनतम खाइयों ने उनका मन मोह लिया। प्राकृतिक सौंदर्य से आसक्त होकर उनका यह सोचना कि जीवन का आनंद इसी सौंदर्य में है।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
