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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ७ वी

पत्र के प्रारूप और पत्र लेखन के मुद्दों पर चर्चा करें और लेखन कराएँ। औपचारिक और अनौपचारिक पत्रलेखन के बारे में जानकारी दें। - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

पत्र के प्रारूप और पत्र लेखन के मुद्दों पर चर्चा करें और लेखन कराएँ। औपचारिक और अनौपचारिक पत्रलेखन के बारे में जानकारी दें। 

लघु उत्तर
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उत्तर

औपचारिक पत्र: यह पत्र सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, अधिकारियों और व्यावसायिक संस्थानों को लिखे जाते हैं। इनकी भाषा विनम्र, संक्षिप्त और स्पष्ट होती है।
उदाहरण: प्रधानाचार्य को अवकाश हेतु पत्र, नगर पालिका को सफाई की समस्या पर पत्र, बैंक खाता खोलने के लिए आवेदन।

  • प्रेषक का पता और तारीख
  • प्राप्तकर्ता का नाम और पता
  • विषय और सम्बोधन
  • मुख्य विषयवस्तु
  • धन्यवाद और हस्ताक्षर
  • विद्यालय प्रधानाचार्य को परीक्षा में छूट के लिए पत्र
  • नगर निगम को सड़क की मरम्मत के लिए पत्र
  • रेलवे स्टेशन मास्टर को ट्रेन में सफाई की शिकायत

अनौपचारिक पत्र: यह पत्र मित्रों, परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को लिखे जाते हैं। इनमें भावनाएँ, अनुभव और व्यक्तिगत विचार साझा किए जाते हैं। इनकी भाषा आत्मीय और सहज होती है।
उदाहरण: मित्र को जन्मदिन की बधाई, माता-पिता को परीक्षा की तैयारी के बारे में पत्र, गाँव में रहने वाले दादा-दादी को हालचाल बताने वाला पत्र।

  • प्रेषक का पता और तारीख
  • सम्बोधन जैसे प्रिय मित्र, पूज्य पिताजी
  • पत्र की मुख्य विषयवस्तु
  • शुभकामनाएँ और नाम
  • मित्र को परीक्षा की तैयारी के बारे में पत्र
  • दादी को अपने गाँव आने के लिए आमंत्रण पत्र
  • भाई को जन्मदिन की बधाई देने वाला पत्र

औपचारिक पत्र सीधे और विषयपरक होते हैं, जबकि अनौपचारिक पत्र आत्मीय और भावनात्मक होते हैं। पत्र लेखन छात्रों के संचार कौशल को विकसित करता है और उन्हें अपने विचार प्रभावी ढंग से व्यक्त करने में मदद करता है।

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पाठ 4: देहात और शहर - अंतःपाठ प्रश्न [पृष्ठ ७३]

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बालभारती Hindi Sulabhbharati Ekatmik [Marathi] Standard 7 Maharashtra State Board
पाठ 4 देहात और शहर
अंतःपाठ प्रश्न | Q ६. | पृष्ठ ७३
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