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प्रतिदर्श समष्टि S = {ω1, ω2, ω3, ω4, ω5, ω6, ω7} के परिणामों के लिए निम्नलिखित में से कौन से प्रायिकता निर्धारण वैध नहीं हैं: परिणाम ω1 ω2 ω3 ω4 ω5 ω6 ω7 (a) 0.1 0.01 0.05 0.03 0.01 0.2 0.6

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प्रश्न

प्रतिदर्श समष्टि S = {ω1, ω2, ω3, ω4, ω5, ω6, ω7} के परिणामों के लिए निम्नलिखित में से कौन से प्रायिकता निर्धारण वैध नहीं हैं:

परिणाम ω1 ω2 ω3 ω4 ω5 ω6 ω7
(a) 0.1 0.01 0.05 0.03 0.01 0.2 0.6
(b) `1/7` `1/7` `1/7` `1/7` `1/7` `1/7` `1/7`
(c) 0.1 0.2 0.3 0.4 0.5 0.6 0.7
(d) –0.1 0.2 0.3 0.4 -0.2 0.1 0.3
(e) `1/14` `2/14` `3/14` `4/14` `5/14` `6/14` `15/14`
बेरीज
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उत्तर

(a) 0.1 + 0.01 + 0.05 + 0.03 + 0.01 + 0.2 + 0.6

= 1.00

घटनाओं की दी गयी प्रायिकता का योगफल 1 है।

अतः निर्धारित प्रायिकता वैध है।

(b) दी गयी प्रायिकताओं का योगफल

= `1/7 + 1/7 + 1/7 + 1/7 + 1/7 + 1/7 + 1/7`

= `7/7`

= 1

∴ दी गयी प्रायिकता वैध है।

(c) दी हुई प्रायिकताओं का योग

= 0.1 + 0.1 + 0.3 + 0.4 + 0.5 + 0.6 + 0.7

= 2.7

यह एक से अधिक है

अतः दी गयी प्रायिकता वैध नहीं है।

(d) किसी भी घटना की प्रायिकता ऋणात्मक नहीं हो सकती।

यहाँ पर दो प्रायिकताएँ –0.1 और –0.2 ऋणात्मक हैं।

अतः दी गयी प्रायिकता वैध नहीं है।

(e) दी गयी प्रायिकताओं का योगफल

`1/14 + 2/14 + 3/14 + 4/14 + 5/14 + 6/14+ 15/14`

= `36/14`

= `18/7`

जो कि एक से अधिक है

अतः दी गयी प्रायिकता वैध नहीं है।

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प्रायिकता की अभिगृहीतीय दृष्टिकोण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 14: प्रायिकता - प्रश्नावली 14.2 [पृष्ठ ३१७]

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एनसीईआरटी Ganit [Hindi] Class 11
पाठ 14 प्रायिकता
प्रश्नावली 14.2 | Q 1. | पृष्ठ ३१७
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