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प्रियंगुमंजरी मल्लिका को अपने साथ चलने के लिए क्यों कहती है? मल्लिका की इस पर क्या प्रतिक्रिया थी? - Hindi (Indian Languages)

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प्रश्न

प्रियंगुमंजरी मल्लिका को अपने साथ चलने के लिए क्यों कहती है? मल्लिका की इस पर क्या प्रतिक्रिया थी?

सविस्तर उत्तर
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उत्तर

“आषाढ़ का एक दिन” की राजकन्या प्रियंगुमंजरी है। कवि कालिदास की पत्नी है। प्रियंगुमंजरी का पात्र सहयोगी और उदार है। वह प्रकृति से प्यार करता है। कालिदास के साहित्य से प्रेम करने के कारण वह कालिदास से शादी करता है। विवाहोपरान्त उज्जयिनी में कालिदास का नाम मातृगुप्त रख दिया जाता है और वह कश्मीर का शासन करता है।

प्रियंगुमंजरी भी मल्लिका से मिलती है। वह जानती है कि कालिदास मल्लिका की प्रेयसी है और वह भी उससे प्रेम करता है। कालिदास ने मल्लिका और ग्रामीण जीवन से प्रेरणा ली है। वह चाहती थी कि मल्लिका राजकर्मचारी से विवाह कर ले और उसके साथ उसकी संगिनी बन जाए वह भी मल्लिका के घर जाना चाहती थी। वह वहाँ की वनस्पतियों, पाषाणों, पशु-पक्षियों और कुछ गरीब बच्चों को अपने साथ ले जाना चाहती है, ताकि राजमहल में रहते हुए भी कालिदास को अपने परिवेश से कभी दूर नहीं रहना पड़े। मल्लिका इस प्रस्ताव को खारिज कर देती है। मल्लिका एक स्वतंत्र युवा है। उसने प्रियंगुमंजरी को बताया कि वह बहुत उदार है। उसे भी ऐसे घर में रहने का अनुभव है, इसलिए उसे असुविधा नहीं होती। कालिदास मल्लिका से निस्वार्थ प्रेम करती है। वह कालिदास के लिए कोई भी त्याग देने को तैयार थी। नाटक की दो प्रमुख महिला पात्रों, प्रियंगुमंजरी और मल्लिका, आदर्श गुणों से परिचित हैं।

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