मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएचएससी वाणिज्य (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता १२ वी

परिच्छेद पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए: "मैडम! मेरा प्रश्न यह है कि फीचर किन-किन विषयों पर लिखा जाता है और फीचर के कितने प्रकार हैं?" - Hindi

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प्रश्न

परिच्छेद पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

"मैडम! मेरा प्रश्न यह है कि फीचर किन-किन विषयों पर लिखा जाता है और फीचर के कितने प्रकार हैं?"

"बहुत अच्छा, देखिए फीचर किसी विशेष घटना, व्यक्ति, जीव-जंतु, तीज-त्योहार, दिन, स्थान, प्रकृति-परिवेश से संबंधित व्यक्तिगत अनुभूतियों पर आधारित आलेख होता है। इस आलेख को कल्पनाशीलता, सृजनात्मक कौशल के साथ मनोरंजक और आकर्षक शैली में प्रस्तुत किया जाता है।"

स्नेहा ने सभी पर दृष्टि घुमाई। एक क्षण के लिए रुकी। फिर बोलने लगी, "फीचर के अनेक प्रकार हैं। उनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित है:"

  • व्यक्तिपरक फीचर
  • सूचनात्मक फीचर
  • विवरणात्मक फीचर
  • विश्लेषणात्मक फीचर
  • साक्षात्कार फीचर
  • विज्ञापन फीचर

"मैडम! हम जानना चाहते हैं कि फीचर लेखन करते समय कौन-सी सावधानियाँ बरतनी चाहिए?" उसी विद्यार्थी ने जिज्ञासावश प्रश्न किया।

"बड़ा हीं सटीक और तर्कसंगत प्रश्न पूछा है आपने।'' अब स्नेहा ने इस विषय पर बोलना प्रारंभ किया -

  1. (1) आकृति पूर्ण कीजिए:   (२)
    फीचर लेखन के प्रकार
    (1) __________________
    (2) __________________
    (3) __________________
    (4) __________________
  2. निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में प्रयुक्त पर्यायवाची शब्द लिखिए:   (२)
    1. सवाल -
    2. ज्यादा -
    3. नज़र -
    4. छात्र -
  3. 'विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का महत्त्व' इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।   (२)
आकलन
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उत्तर

  1.  
    फीचर लेखन के प्रकार
    (1) व्यक्तिपरक फीचर
    (2) सूचनात्मक फीचर
    (3) विवरणात्मक फीचर
    (4) विश्लेषणात्मक फीचर
    1. सवाल - प्रश्न
    2. ज्यादा - अनेक
    3. नज़र - दृष्टि
    4. छात्र - विद्यार्थी
  2. विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का विशेष महत्त्व है। अनुशासन से ही व्यक्ति सफलता, आत्मनिर्भरता और जिम्मेदारी को समझ पाता है। यह नियमितता, समय प्रबंधन और लक्ष्य प्राप्ति में सहायक होता है। अनुशासनहीन छात्र न तो पढ़ाई में अच्छा कर सकता है और न ही भविष्य में सफल हो सकता है। विद्यार्थी को स्कूल, घर और समाज में अनुशासन का पालन करना चाहिए। यह चरित्र निर्माण में सहायक होता है और आगे जीवन में हर परिस्थिति का सामना करने की शक्ति प्रदान करता है। इसलिए, अनुशासन का पालन करना हर विद्यार्थी के लिए आवश्यक है।
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