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पढ़ो और बोलो। गुस्सा शरण धैर्यपूर्वक टूट जाना एक बार भगवान बुद्ध घृणा शिष्य मुस्कराकर जुड़ जाना दुबारा सताना धैर्य स्वागत इसलिए निर्दयी डाकू अंगुलियों की माला बिना डरे - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

पढ़ो और बोलो।

गुस्सा  शरण  धैर्यपूर्वक    टूट  जाना  एक बार
भगवान   बुद्ध घृणा  शिष्य  मुस्कराकर  जुड़
जाना  दुबारा  सताना  धैर्य   स्वागत  इसलिए
निर्दयी    डाकू अंगुलियों की माला  बिना डरे समझ जाना  
एका वाक्यात उत्तर
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उत्तर

विद्यार्थी स्वयं पढ़िये।

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अंगुलिमाल
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 21: अंगुलिमाल - अभ्यास [पृष्ठ १०५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Durva Part 1 Class 6
पाठ 21 अंगुलिमाल
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ १०५

संबंधित प्रश्‍न

नमूने के अनुसार वाक्य बदलो।

नमूना:

पहले मैं गाँव में रहता था।

अब मैं शहर में रहता हूँ।

पहले राघवन फुटबाल खेलता था। ______ (क्रिकेट) 


नमूने के अनुसार वाक्य बदलो।

नमूना:

पहले मैं गाँव में रहता था।

अब मैं शहर में रहता हूँ।

पहले हम गाँव के विद्यालय में पढ़ते थे। ______ (जवाहर नवोदय विद्यालय)


नमूना:

समझना-समझ गया, समझ गई।
मेँ आपकी बात समझ गया।

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नमूना:

समझना-समझ गया, समझ गई।
मेँ आपकी बात समझ गया।

नौकर रास्ते में ही ______


नमूना:

समझना-समझ गया, समझ गई।
मेँ आपकी बात समझ गया।

सभी विद्यार्थी अपनी-अपनी सीट पर ______


नमूना:

समझना-समझ गया, समझ गई।
मेँ आपकी बात समझ गया।

अंजना खुश ______


नमूने के अनुसार वाक्य बदलो। 

नमूना: 

मैं पुस्तक पढ़ता हूँ।
मैंने पुस्तक पढ़ी।

रमेश पतंग उड़ाता है। 


नमूने के अनुसार वाक्य बदलो। 

नमूना: 

मैं पुस्तक पढ़ता हूँ।
मैंने पुस्तक पढ़ी।

मै हिंदी सीखता हूँ।


नमूने के अनुसार वाक्य बदलो। 

नमूना: 

मैं दूध पीता हूँ।
मैंने दूध पिया।

वह कपड़े धोता है।


नमूने के अनुसार वाक्य बदलो। 

नमूना: 

ललिता रोज़ नौ बजे सो जाती है।

आज वह आठ बजे सो गई।

श्रीनिवासन रोज सात बजे स्कूल जाता है (दस बजे) 


अंगुलिमाल कौन था?


डाकू को अंगुलिमाल क्यों कहते थे? 


भगवान बुद्ध ने अंगुलिमाल का स्वागत कैसे किया?


भगवान बुद्ध ने अंगुलिमाल से क्या तोड़ लेन को कहा?


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