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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता १० वी

प्राणी वर्गीकरण की पद्धतीयाँ किस प्रकार परिवर्तित हुई ? - Science and Technology 2 [विज्ञान और प्रौद्योगिकी २]

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प्रश्न

प्राणी वर्गीकरण की पद्धतीयाँ किस प्रकार परिवर्तित हुई ?

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

  1. सर्वप्रथम ग्रीक दार्शनिक ॲरिस्टोटल (अरस्तु) ने प्राणियों का वर्गीकरण किया। उन्होंने प्राणियों का वर्गीकरण, उनके शरीर का आकार, आदतें तथा अधिवास जैसे मुद्दों के आधार पर किया था। ॲरिस्टोटल द्वारा किए गए वर्गीकरण की इस पद्धति को 'कृत्रिम पद्धति' कहते हैं।
  2. थिओफ्रेस्टस, प्लिनी, जॉन रे, लिनियस इत्यादि वैज्ञानिकों ने भी वर्गीकरण की इस कृत्रिम पद्धति का ही उपयोग किया।
  3. विज्ञान की प्रगति के कारण विज्ञान के आनेवाले संदर्भ भी बदल गए तथा इस कारण वर्गीकरण के मुद्दे भी बदल गए।
  4. आगे चलकर वर्गीकरण की प्राकृतिक पद्धति का प्रतिपादन किया गया। वर्गीकरण की यह प्राकृतिक पद्धति शरीररचनासंबंधी गुणधर्म, उनकी कोशिकाएँ, गुणसूत्र, जैवरासायनिक गुणधर्म जैसे मुद्दों पर आधारित थी।
  5. इसके पश्चात जॉब्स्की और मेयर ने उत्क्रांतिवाद पर आधारित वर्गीकरण का उपयोग करके प्राणियों का वर्गीकरण किया।
  6. वर्ष 1977 में कार्ल वुज ने प्राणी वर्गीकरण की तीन डोमेन पद्धति का प्रतिपादन किया। इस पद्धति के अनुसार आदिकेंद्रकी जीवाणुओं के दो वर्ग किए गए। इस प्रकार प्राणी वर्गीकरण की पद्धतियाँ परिवर्तित होती गई।
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प्राणी वर्गीकरण की पारंपरिक पद्धती (Traditional Method of Animal Classification)
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पाठ 6: प्राणियों का वर्गीकरण - स्वाध्याय [पृष्ठ ७५]

APPEARS IN

बालभारती Vigyaan aur Prodyogiki 2 [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
पाठ 6 प्राणियों का वर्गीकरण
स्वाध्याय | Q 3. | पृष्ठ ७५
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