पल्लवन की प्रक्रिया का अर्थ है किसी विचार, विषय या शीर्षक का विस्तारपूर्वक वर्णन करना। इसमें सबसे पहले विषय को भली-भाँति समझा जाता है, फिर उसके प्रमुख बिंदुओं को चुनकर उदाहरणों, तर्कों और भावों के साथ विस्तार दिया जाता है। पल्लवन करते समय भाषा सरल, स्पष्ट और भावपूर्ण होनी चाहिए। अंत में विषय का सार प्रस्तुत किया जाता है। यह प्रक्रिया रचनात्मकता, विश्लेषण क्षमता और विचारों की गहराई को दर्शाती है।
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पल्लवन की प्रक्रिया पर प्रकाश डालिए।
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पल्लवन
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पल्लवन की विशेषताएँ स्पष्ट कीजिए।
‘‘ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होइ’’, इस पंक्ति का भाव पल्लवन कीजिए ।
‘लालच का फल बुरा होता है’, इस उक्ति का विचार पल्लवन कीजिए ।
“जो तोको काँटा बुवै, ताहि बोइ तू फूल।” इस पंक्ति का भाव पल्लवन कीजिए।
पल्लवन में सूक्ति, उक्ति, पंक्ति या काव्यांश का ______ किया जाता है।
'मन के हारे हार है, मन के जीते जीत' इस पंक्ति का भाव पल्लवन कीजिए।
निम्नलिखित का उत्तर लगभग १०० से १२० शब्दों में लिखिए:
‘नर हो, न निराश करो मन को ', इस उक्ति का पल्लवन कीजिए।
हिंदी में ‘पल्लवन’ शब्द अंग्रेजी ______ शब्द के प्रतिशब्द के रूप में आता है।
निम्नलिखित का उत्तर लगभग १०० से १२० शब्दों में लिखिए:
“सेवा तीर्थयात्रा से बढ़कर है," इस उक्ति का पल्लवन कीजिए।
