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प्रश्न
पद्यांशं पठित्वा निर्दिष्टाः कृतीः कुरुत।
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यथैव सकला नद्यः प्रविशन्ति महोदधिम्। यत्र विद्वज्जनो नास्ति श्लाघ्यस्तत्राल्पधीरपि। यथा चतुर्भिः कनकं परीक्ष्यते निघर्षणच्छेदनतापताडनैः। उत्तमो नातिवक्ता स्यादधमो बहु भाषते। |
(क) पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत। 1
कः बहु भाषते?
(ख) विशेषण-विशेष्ययोः मेलनं कुरुत। 1
| विशेषणम् | विशेष्यम् | |
| (1) | सकलाः | अल्पधीः |
| (2) | श्लाघ्यः | सुवर्णम् |
| नद्यः |
(ग) जालरेखाचित्रं पूरयत। 1

(घ) पद्यांशात् 2 प्रथमा-विभक्त्यन्तपदे चित्वा लिखत। 1
(च) पूर्वपदम्/ उत्तरपदं लिखत। 1
- एरण्डोऽपि = एरण्डः + .......।
- नातिवक्ता = ....... + अतिवक्ता।
आकलन
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उत्तर
(क) अधमः बहु भाषते।
(ख)
| विशेषणम् | विशेष्यम् | |
| (1) | सकलाः | नद्यः |
| (2) | श्लाघ्यः | अल्पधीः |
(ग)

(घ)
- नद्यः
- धर्माः
(च)
- एरण्डोऽपि = एरण्डः + अपि।
- नातिवक्ता = न + अतिवक्ता।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2025-2026 (March) Board Question Paper
