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पढ़क्कू नई-नई बातें गढ़ते थे। बताओ, ये लोग क्या गढ़ते हैं? सुनार ____________ कवि ____________ लुहार ____________ कुम्हार ____________ ठठेरा ____________ लेखक ____________ - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

पढ़क्कू नई-नई बातें गढ़ते थे।

बताओ, ये लोग क्या गढ़ते हैं?

सुनार ____________ कवि ____________
लुहार ____________ कुम्हार ____________
ठठेरा ____________ लेखक ____________
थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

सुनार जेवर कवि कविता
लुहार लोहे की चीज कुम्हार मिट्टी के बर्तन
ठठेरा बर्तन लेखक कहानी, लेख
shaalaa.com
पढ़क्कू की सूझ
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: पढ़क्कू की सूझ - पढ़क्कू की सूझ [पृष्ठ ९५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Rimjhim Class 4
पाठ 11 पढ़क्कू की सूझ
पढ़क्कू की सूझ | Q 1. | पृष्ठ ९५

संबंधित प्रश्‍न

‘पढ़क्कू की सूझ’ कविता में एक कहानी कही गई है। इस कहानी को तुम अपने शब्दों में लिखो।


तीसरी कक्षा में तुमने रामधारी सिंह दिनकर की कविता ‘मिर्च का मज़ा’ पढ़ी थी। अब तुमने उन्हीं की कविता ‘पढ़क्कू की सूझ’ पढ़ी।

दोनों में से कौन-सी कविता पढ़कर तुम्हें ज्यादा मज़ा आया?

(चाहो तो तीसरी की किताब फिर से देख सकते हो।)


तुम्हें काबुली वाला ज्यादा अच्छा लगा या पढ़क्कू? या कोई भी अच्छा नहीं लगा?


कोल्हू का बैल ऐसे व्यक्ति को कहते हैं जो कड़ी मेहनत करता है या जिससे कड़ी मेहनत करवाई जाती है।

मेहनत और कोशिश से जुड़ा कुछ और मुहावरा नीचे लिखा हैं। इसका वाक्य में इस्तेमाल करो।

दिन-रात एक करना


कोल्हू का बैल ऐसे व्यक्ति को कहते हैं जो कड़ी मेहनत करता है या जिससे कड़ी मेहनत करवाई जाती है।

मेहनत और कोशिश से जुड़ा कुछ और मुहावरा नीचे लिखा हैं। इसका वाक्य में इस्तेमाल करो।

एड़ी-चोटी का जोर लगाना


पढ़क्कू का नाम पढ़क्कू क्यों पड़ा होगा?


तुम कौन-सा काम खूब मन से करना चाहते हो? उसके आधार पर अपने लिए भी पढ़क्कू जैसा कोई शब्द सोचो।


हाँ जब बजती नहीं, दौड़कर तनिक पूँछ धरता हूँ।

पूँछ धरता हूँ का मतलब है पूँछ पकड़ लेता हूँ

नीचे लिखे वाक्य को अपने शब्दों में लिखो।

मगर बूंद भर तेल साँझ तक भी क्या तुम पाओगे?


हाँ जब बजती नहीं, दौड़कर तनिक पूँछ धरता हूँ।

पूँछ धरता हूँ का मतलब है पूँछ पकड़ लेता हूँ

नीचे लिखे वाक्य को अपने शब्दों में लिखो।

बैल हमारा नहीं अभी तक मंतिख पढ़ पाया है।


हाँ जब बजती नहीं, दौड़कर तनिक पूँछ धरता हूँ।

पूँछ धरता हूँ का मतलब है पूँछ पकड़ लेता हूँ

नीचे लिखे वाक्य को अपने शब्दों में लिखो।

सिखा बैल को रखा इसने निश्चय कोई ढब है।


हाँ जब बजती नहीं, दौड़कर तनिक पूँछ धरता हूँ।

पूँछ धरता हूँ का मतलब है पूँछ पकड़ लेता हूँ

नीचे लिखे वाक्य को अपने शब्दों में लिखो।

जहाँ न कोई बात, वहाँ भी नई बात गढ़ते थे।


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