Advertisements
Advertisements
प्रश्न
|
पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
|
देशान् |
______ |
______ |
______ |
Advertisements
उत्तर
|
पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
|
देशान् |
पुँल्लिङ्गम् |
द्वितीया |
बहुवचनम् |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
स्वकीयम् - ______
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत
अवरुद्धः - ______
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
कुटुम्बकम् - ______
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
अपहाय - ______
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
समृद्धम् - ____________
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
कष्टम् - ______
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
निखिले - ______
रेखाङ्कितानि पदानि संशोध्य लिखत–
अहं पुस्तकालयेन पुस्तकानि आनयामि।
रेखाङ्कितानि पदानि संशोध्य लिखत–
गुरुं नमः।
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
मानवाः - ______
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
उदारचरितानाम् - ______
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
अपहाय - ______
|
पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
|
घृणाया: |
______ |
______ |
______ |
|
पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
|
रक्षायाम् |
______ |
______ |
______ |
कोष्ठकात् समुचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत-
______ परित: कृषिक्षेत्राणि सन्ति।
