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प्रश्न
पाठ में से उन प्रसंगों की पहचानकर उन पर चर्चा कीजिए, जिनसे पता चलता है कि–
बिरजू महाराज महिलाओं के लिए समानता के पक्षधर थे।
दीर्घउत्तर
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उत्तर
बिरजू महाराज की बहनों को कथक नहीं सिखाया गया था, किंतु उन्होंने अपनी बेटियों को खूब सिखाया। उनका मानना था कि लड़कियों के पास शिक्षा या कोई-न-कोई हुनर अवश्य होना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उनके अनुसार हुनर ऐसा खजाना है, जिसे कोई नहीं छीन सकता और वक्त पड़ने पर काम आता है। बेटियों को बेटों की तरह हुनर देना और उनकी आत्मनिर्भरता पर बल देना दर्शाता है कि वे महिलाओं के लिए समानता के पक्षधर थे।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
