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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (मराठी माध्यम) इयत्ता ९ वी

पानी की समस्‍या समझते हुए ‘होली उत्‍सव का बदलता रूप’ पर अपना मत लिखिए । - Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त]

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प्रश्न

पानी की समस्‍या समझते हुए ‘होली उत्‍सव का बदलता रूप’ पर अपना मत लिखिए ।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

होली उत्‍सव का बदलता रूप

होली हिंदुओ के त्योहारो मे से एक है। यह ख़ुशी आनंद का प्रतिक माना जाता है। परन्तु इस त्योहार में लोग पानी बहोत बर्बाद करते है। इस वजह से पानी की समस्या बढ़ती ही जा रही है जिसके कारण सामाजिक संगठनों की ओर से त्यौहार में कम-से-कम पानी का उपयोग करने अथवा सुखी होली मनाने के प्रति लोगो को जागरूक किया जाता हैं। होली में इतना पानी बर्बाद किया जाता है। उतने में किसी बड़े क्षेत्रो के लोग कई दिनों तक लोगो की प्यास बुझ सके। लोग ये त्यौहार मनाने में इतना रंग लगाते है। लोग भूल जाते है की सूखा रंग निकालने में भी बहोत पानी बर्बाद होता हैं। तथा अब प्राकृतिक रंगो, अबीर - गुलाल आदि से खेला जा रहा है । केमिकल रंगो के बजाय हर्बल रंगो का उपयोग किया जा रहा है। किसी के ऊपर पानी फेकने के बजाय हमको टैंक बनाकर उसमे पानी भरकर खेलना चाइये जिससे पानी की बचत होगी। इन सभी उपाय के कारण लोग जागरूक हो रहे है। जिससे पानी की बर्बादी कम हुई और लोगोंको 'होली त्योहार का बदलता रूप' देखने मिल रहा है।

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नदी की पुकार
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पाठ 1.1: नदी की पुकार - स्वाध्याय [पृष्ठ २]

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बालभारती Hindi (Composite) Lokvani [English] Standard 9 Maharashtra State Board
पाठ 1.1 नदी की पुकार
स्वाध्याय | Q 2 | पृष्ठ २
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