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प्रश्न
“ओज और रमायेरा प्रतिदिन की तरह विद्यालय जा रहे थे कि एक दिन रास्ते में छोटी लड़की रोती हुई मिली....” पंक्ति से आरंभ करते हुए लगभग 100 शब्दों में लघुकथा पूरी कीजिए।
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उत्तर
ओज और रमायेरा प्रतिदिन की तरह विद्यालय जा रहे थे कि एक दिन रास्ते में छोटी लड़की रोती हुई मिली देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वह अपने परिवार से बिछुड़ गई है। उसकी आँखें लगातार अपनों को तलाश रही थीं। लड़की बहुत छोटी थी और हमारे साथ पैदल चलने में असमर्थ थी। उधर हमें विद्यालय पहुँचने में देर हो रही थी। एक ओर मन में उसे वहीं छोड़कर आगे बढ़ जाने का विचार था, तो दूसरी ओर उसकी सुरक्षा को लेकर हम दोनों चिंतित थे, क्योंकि आवारा कुत्तों के हमले का भी डर था। जब उससे उसके पिता का नाम पूछा जाता, तो वह केवल “पापा” और माँ का नाम पूछने पर केवल “मम्मी” कहती थी। उसकी स्थिति ने हमें असमंजस में डाल दिया। अंततः हम उसे बारी-बारी से गोद में उठाकर विद्यालय ले आए। प्रधानाचार्य जी ने हमारे इस कार्य की सराहना की और पुलिस को सूचना देकर बालिका को पुलिस चौकी भेज दिया। खोजबीन के बाद उसके माता-पिता पुलिस चौकी से उसे अपने साथ घर ले गए। इसके बाद वे तीनों अत्यंत प्रसन्न थे और हम दोनों भी संतुष्ट महसूस कर रहे थे।
