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प्रश्न
निम्नलिखित युग्मों के पदों (शब्दों) में कैसे विभेद करोगे?
क्रिस्टल जालक एवं एकक कोष्ठिका
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उत्तर
- क्रिस्टल जालक – क्रिस्टलीय ठोसों का मुख्य अभिलक्षण अवयवी कणों का नियमित और पुनरावृत्त पैटर्न है। यदि क्रिस्टल में अवयवी कणों की त्रिविमीय व्यवस्था को आरेख के रूप में निरूपित किया जाए, जिसमें प्रत्येक बिन्दु को चित्रित किया गया हो तो व्यवस्था को क्रिस्टल जालक कहते हैं। इस प्रकार, “द्विकस्थान (space) में बिन्दुओं की नियमित त्रिविमीय व्यवस्था को क्रिस्टल जालक कहते हैं।”

क्रिस्टल जालक का एक भाग और उसकी एकक कोष्टिका
क्रिस्टल जालक के एक भाग को चित्र में दिखाया गया है। केवल 14 त्रिविमीय जालक सम्भव हैं। - एकक कोष्ठिका – एकक कोष्ठिका क्रिस्टल जालक का लघुतम भाग है। जब इसे विभिन्न दिशाओं में पुनरावृत्त किया जाता है तो पूर्ण जालक की उत्पत्ति होती है।
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‘किसी क्रिस्टल की स्थिरता उसके गलनांक के परिमाण द्वारा प्रकट होती है।’ टिप्पणी कीजिए। किसी आँकड़ा पुस्तक से जल, एथिल ऐल्कोहॉल, डाइएथिल ईथर तथा मेथेन के गलनांक एकत्र करें। इन अणुओं के मध्य अन्तराआण्विक बलों के बारे में आप क्या कह सकते हैं?
अभिकथन - घनीय निविड संकुलन की एकक कोष्ठिका में काय केंद्र में उपस्थित एक रिक्ति सहित कुल अष्टफलकीय रिक्तियों की संख्या चार होती है।
तर्क - काय केंद्र के अतिरिक्त एकक कोष्ठिका के प्रत्येक छः फलकों के केंद्र में एक अष्टफलकीय छिद्र होता है जो कि दो निकटवर्ती एकक कोष्ठिकाओं के द्वारा सहभाजित रहता है।
