Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 100 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए:
लड़का-लड़की एकसमान
संकेत बिंदु:
- इस सोच की आवश्यकता क्यों?
- लडकियों को बढ़ावा कैसे?
- देश-समाज पर प्रभाव
- सुझाव
'लड़का-लड़की एक समान' विषय पर आठ से दस वाक्य लिखने के लिए प्रेरित करें।
Advertisements
उत्तर
लड़का-लड़की एकसमान
हम सभी मनुष्य एक सामाजिक प्राणी हैं। हमारे समाज में लड़का और लड़की दोनों प्रजाति के लोग निवास करते हैं। हमारे समाज और देश को चलाने के लिए लड़का और लड़की दोनों का महत्त्वपूर्ण योगदान होता है। पहले लोग लड़कियों की तुलना में लड़कों को अधिक महत्त्व देते थे। इसका यह कारण था कि लड़कों को बाहर जाना पड़ता था और नौकरी करनी पड़ती थी इसलिए उन्हें अधिक देखभाल और अधिक शक्ति की आवश्यकता थी। लड़कियों को बाहर जाने की इजाज़त नहीं थी। उन्हें घरों के अंदर रहना पड़ता था और घरेलू काम करना पड़ता था। लड़कों को शिक्षा दी जाती थी लेकिन लड़कियों को शिक्षा प्राप्त करने की अनुमति नहीं थी। लड़कियों को समाज में लड़कों से कम माना जाता है तथा लड़कियों को केवल घर के कामों के योग्य समझा जाता है। यह बिल्कुल भी गलत होता है, लोगों को ऐसी सोच नहीं रखनी चाहिए और लड़कियों को भी लड़कों के समान सभी क्षेत्र में अवसर प्रदान करने चाहिए। लड़कों को कहीं भी आने-जाने का अधिकार दिया जाता है, उसी प्रकार लड़कियों को भी बिना रोक-टोक के अधिकार देने चाहिए ताकि लड़कियाँ भी देश की प्रगति में अपना योगदान दे सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करना और उन्हें समाज में सम्मान देना आवश्यक है। सरकारी योजनाएँ उन्हें शिक्षा और स्वविकास के लिए सहायता प्रदान करनी चाहिए।
यदि लड़का-लड़की एकसमान होंगे, तो समाज और देश दोनों का प्रगति करने में सक्रिय योगदान मिलेगा। समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए समाज संगठनों को लड़का-लड़की समानता को प्रचारित करने के लिए जागरूक करना चाहिए। स्कूल और कॉलेजों में संभलता और समानता को प्रोत्साहित करना अनिवार्य है। ऐसा करके हम एक समृद्ध और उत्थानशील समाज का निर्माण कर सकते हैं, जहाँ हर व्यक्ति अपने सपनों को पूरा कर सकता है।
